बापू को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर संयुक्त राष्ट्र ने किया नमन, अहिंसा के संदेश को किया याद

बापू को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर संयुक्त राष्ट्र ने किया नमन, अहिंसा के संदेश को किया याद

```html id="b7k4pz"

हाइलाइट
• राष्ट्रपति मुर्मु ने गांधी के 157वें जन्मदिवस पर श्रद्धांजलि दी
• पीएम मोदी ने राजघाट पहुंचकर बापू को नमन किया
• संयुक्त राष्ट्र ने अहिंसा के वैश्विक संदेश को रेखांकित किया
• सिनेमा और खेल जगत ने भी गांधी को याद किया

Gandhi Jayanti 2026: महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर देशभर में बापू को श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने गांधी के सत्य, अहिंसा, शांति और सेवा के विचारों को याद किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने गांधी जयंती पर देशवासियों की ओर से राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष के बीच महात्मा गांधी का शांति और अहिंसा का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए गांधी के मूल्यों को महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विजय घाट जाकर उन्हें भी नमन किया। प्रधानमंत्री ने गांधी और शास्त्री के सादगी, साहस और राष्ट्रसेवा से जुड़े जीवन को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने भी महात्मा गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें सत्य तथा अहिंसा के प्रति समर्पित महान व्यक्तित्व के रूप में याद किया। वहीं अभिनेता संजय दत्त ने गांधी के सत्य, शांति और करुणा के आदर्शों को याद करते हुए गांधी जयंती की शुभकामनाएं दीं।

अभिनेता कमल हासन ने गांधी के विचारों को मौजूदा दौर से जोड़ते हुए लोगों से स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी राजनीतिक चेतना को किसी दल, विचारधारा, भीड़ या डिजिटल प्रभाव के हवाले न करने की बात कही। 
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने गांधी के सरल जीवन, सरल विचार और सरल कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनका प्रभाव बेहद व्यापक रहा।

इस अवसर को संयुक्त राष्ट्र भी International Day of Non-Violence के रूप में मनाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2007 में प्रस्ताव A/RES/61/271 के जरिए 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया था। इसका उद्देश्य शिक्षा और जनजागरूकता के माध्यम से अहिंसा का संदेश फैलाना है।