जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर हमला, बोले- झूठ और अफवाह फैलाकर देश को अस्थिर करना है आपकी राजनीति

जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर हमला, बोले- झूठ और अफवाह फैलाकर देश को अस्थिर करना है आपकी राजनीति
हाइलाइट्स
• जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर झूठ और अफवाह फैलाने का आरोप लगाया
• नड्डा ने राहुल गांधी की राजनीति के चार चरण गिनाए
• 1 नवंबर के कार्यक्रम के चार मकसद बताकर विपक्ष पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की रामलीला मैदान में आयोजित रैली पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी राजनीति का मकसद झूठ और अफवाह फैलाकर देश को अस्थिर करना है। नड्डा ने रैली को लोकतंत्र के सम्मान के बजाय देश में अराजकता फैलाने की सोची-समझी कोशिश बताया।

रामलीला मैदान की रैली को बताया अराजकता फैलाने की साजिश

जेपी नड्डा ने कहा कि रामलीला मैदान में हो रही गतिविधियां लोकतंत्र के प्रति सम्मान नहीं दर्शातीं। उनके मुताबिक, लोकतंत्र के नाम पर देश को अराजकता की ओर धकेलने की साजिश की जा रही है।

नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, 'रामलीला मैदान में आज जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र के प्रति सम्मान नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के नाम पर देश को अराजकता में धकेलने की सोची-समझी साजिश है। यह उन लोगों का एक बेवकूफी भरा और सुनियोजित नाटक है, जिन्हें जनता चुनावों में हरा चुकी है और बार-बार खारिज कर चुकी है। जनता इस सच्चाई को अच्छी तरह समझती है।'

राहुल गांधी की राजनीति के चार चरण गिनाए

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए उनकी राजनीति के मॉडल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसके चार चरण बताए। नड्डा के अनुसार, पहले चरण में झूठ और अफवाहें फैलाई जाती हैं। दूसरे चरण में लोगों को सड़कों पर अराजकता और अव्यवस्था पैदा करने के लिए उकसाया जाता है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि तीसरे चरण में देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश होती है और चौथे चरण में विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जाता है।

1 नवंबर के कार्यक्रम के चार मकसद बताकर लगाए आरोप

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के 1 नवंबर के कार्यक्रम को लेकर भी चार आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का पहला मकसद सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कना है।

नड्डा के मुताबिक, दूसरा मकसद दिल्ली में दंगे और अराजकता फैलाकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को गिराने की कोशिश करना है। उन्होंने तीसरा आरोप लगाया कि त्योहारों के सीजन में दिल्ली के दुकानदारों और व्यापारियों की कमाई छीनने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं, चौथे मकसद के तौर पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।