दोस्त ही बना दुश्मन! लुधियाना के मशहूर पंडित कुलचे वाले के बेटे की गोली मारकर हत्या

दोस्त ही बना दुश्मन! लुधियाना के मशहूर पंडित कुलचे वाले के बेटे की गोली मारकर हत्या

पंजाब के लुधियाना में मशहूर ‘पंडित जी कुलचे छोले’ के मालिक कुलदीप शर्मा के बेटे राहुल शर्मा की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। 34 वर्षीय राहुल बुधवार देर रात पक्खोवाल रोड पर गांव दाद के पास ग्रीन वर्ल्ड होम्स नाम की आवासीय सोसाइटी में जन्मदिन की पार्टी में शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, पार्टी के दौरान बहस हुई और इसी बीच गोली चल गई। इलाज के दौरान राहुल की मौत हो गई।

पुलिस उपायुक्त आलम विजय सिंह ने बताया कि बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात लालटों पुलिस चौकी के इलाके में गोली चलने की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि पार्टी में 8 से 10 लोग मौजूद थे।

जन्मदिन की पार्टी में बहस के बाद चली गोली

डीसीपी विजय सिंह ने घटना को लेकर कहा, "8 से 10 लोग जन्मदिन मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान बहस हुई और आवेश में आकर गोली चला दी गई।"

पार्टी में मौजूद राहुल के दोस्त उन्हें तुरंत दयानंद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (डीएमसीएच) लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सदर थाने के निरीक्षक जगदेव सिंह ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि राहुल को दो गोलियां लगी थीं।

आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज

राहुल शर्मा के बहनोई पीयूष शर्मा के बयान पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। इनमें मुख्य संदिग्ध परमराज और गगनदीप भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए चार टीमें बनाई हैं।

परिवार के पुराने कारोबार को आगे बढ़ा रहे थे राहुल

राहुल शर्मा अपने परिवार के पारंपरिक खाने-पीने के कारोबार को संभालने और उसे आगे बढ़ाने में जुटे थे। कब्रिस्तान रोड पर स्थित ‘पंडित जी कुलचे छोले’ अपने खास स्वाद के लिए जाना जाता है। यहां बिना प्याज और लहसुन के कुलचे बनाए जाते हैं, जिन्हें घर पर तैयार छोले और खट्टी-मीठी इमली की चटनी के साथ परोसा जाता है।

परिवार 1950 के दशक में हिमाचल प्रदेश से पंजाब आया था। कुलदीप शर्मा ने शुरुआत में एक पेड़ के नीचे बैठकर लोहे के डिब्बे में कुलचे-छोले बेचने शुरू किए थे। बाद में उन्होंने पास में ही एक स्थायी दुकान खोल ली।

राहुल के दोस्त साहिल साही ने बताया, "लुधियाना में उन्होंने बिना प्याज और लहसुन वाले कुलचे-छोले बेचने शुरू किए। शहर के लोगों को इनका स्वाद पसंद आया और फिर कारोबार लगातार आगे बढ़ता गया।"

साहिल साही के मुताबिक, राहुल अपने पिता के साथ दुकान के काम में हाथ बंटाते थे। उन्होंने कारोबार को बढ़ाने में मदद की और एक दुकान भी ली। हालांकि, उनके पिता को अब भी पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर अपने मशहूर कुलचे-छोले बेचना पसंद था।

परिवार ने कॉलेज रोड पर ‘पंडित जी दे कुलचे चने-सेमेट्री रोड वाले’ नाम से एक और दुकान भी खोली थी। राहुल इसी दुकान का काम संभालते थे।

परिवार में माता-पिता, पत्नी और शादीशुदा बहन

राहुल शर्मा के परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और एक शादीशुदा बहन हैं। उनके दोस्त साहिल साही ने परिवार की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, "परिवार इस समय पूरी तरह टूट गया है।"

पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर फिर उठे सवाल

राहुल शर्मा की हत्या के बाद पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर जारी बहस फिर चर्चा में है। हाल के दिनों में गोलीबारी की घटनाओं में मौतों की संख्या बढ़ने को लेकर विपक्षी दल सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर सवाल उठा रहे हैं।

पिछले कुछ हफ्तों में राज्य में कई हत्याएं हुई हैं। इनमें मानसा में नशे के खिलाफ काम करने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा, अमृतसर में एलजीबीटीक्यू समुदाय से जुड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू और लुधियाना में पूर्व सरपंच नवतेज सिंह की हत्या शामिल है।