- मणिपुर में ग्रामीणों पर गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हुई।
- चार घायलों को अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराया जा रहा है।
- प्रदर्शनकारी दो शव लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंचे।
- भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस छोड़ी।
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Manipur Violence, Manipur Firing, Manipur Protest: मणिपुर में सोमवार, 19 अक्टूबर की सुबह हुई गोलीबारी के बाद तनाव बढ़ गया। संदिग्ध हथियारबंद हमलावरों ने जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने गए ग्रामीणों के एक समूह को निशाना बनाया। मणिपुर पुलिस के मुताबिक, इस घटना में तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। घटना के विरोध में इंफाल में प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारी दो लोगों के शव लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंच गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
ग्रामीणों पर पहाड़ी इलाके में गोलीबारी
मणिपुर पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में बताया कि सुबह संदिग्ध हथियारबंद उग्रवादियों ने कांगपोकपी जिले में सागोलमांग थाना क्षेत्र के अंतर्गत खोंगबल तांगखुल इलाके में मेइती समुदाय के ग्रामीणों पर गोलीबारी की। ग्रामीण जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने गए थे। पुलिस के अनुसार, हमले में तीन ग्रामीणों की मौत हो गई और चार लोग घायल हुए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इससे पहले सामने आई जानकारी में बताया गया था कि करीब 14 से 16 ग्रामीण गांव के नजदीक पहाड़ी इलाके में गए थे। घटना की खबर फैलने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। मृतकों में अरुबम रोनिल और लैरेनलाकपम इनओबी के नाम भी सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन
गोलीबारी की घटना से नाराज लोग इंफाल में मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के आवास के बाहर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने दो शव मुख्य द्वार के पास रखकर विरोध जताया। हालात बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जेएनआईएमएस) ले जाया गया।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, पुलिस की अपील
मणिपुर पुलिस ने कहा कि वह सीआरपीएफ, बीएसएफ, सेना, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा हिंसा को आगे फैलने से रोकने के लिए काम कर रही है। पुलिस ने घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
पुलिस ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।