भगवान परशुराम शोभा यात्रा का हुआ आयोजन

Date: 2026-04-19
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वाराणसी। बैशाख शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया के अवसर पर भगवान परशुराम प्राकट्योत्सव के अंतर्गत काशी नगरी में “भगवान परशुराम शोभा यात्रा” का  आयोजन किया गया।

प्रातः काल बीएचयू सिंह द्वार स्थित महामना मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यात्रा शुरु हुई। शंख ध्वनि के साथ प्रारंभ हुई यह शोभा रविदास गेट  होते हुए सामने घाट स्थित श्रीकुल पीठ धाम के श्री रामेश्वर मनोकामना महादेव मंदिर में आशीर्वाद के साथ सम्पन्न हुई।

शोभा यात्रा में घोड़ा-बग्घी, बैंड-बाजे शामिल थे जो भक्ति संगीत एवं डीजे की धुनों के साथ आगे बढ़ रही थी।इस शोभा यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं शामिल हुए।

बग्घी पर विराजमान श्री श्री 1008 डॉ. सचिन्द्रनाथ जी महाराज के साथ संस्था के संरक्षक व न्यासी पंडित सतीश चंद्र मिश्रा, न्यासी पंडित रविन्द्रनाथ मिश्रा, केदार मंदिर के अर्चक, श्रृंगेरी मठ के अन्नपूर्णा शास्त्री जी, पुनीत जेटली उर्फ पागल बाबा एवं विशालाक्षी मंदिर के महंत उपस्थित थे।

मातृशक्ति के रूप में बाबा कीनाराम की वंशज एवं अंतरराष्ट्रीय योगसिद्ध गुरु मां चेतना जी अपने महिला समूह के साथ शोभा यात्रा में सम्मिलित हुईं।

यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पेयजल एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई।

अंत में श्रीकुल पीठाधीश्वर ने अपने उद्बोधन में भगवान परशुराम जी के जीवन, उनके धर्म-संरक्षण के संकल्प और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि

जब-जब धर्म की हानि होगी, तब-तब प्रभु इस धरती पर अवतरित होकर धर्म की रक्षा करेंगे। भगवान परशुराम आज भी हमारे अस्तित्व में विद्यमान हैं और कल्कि अवतार तक सनातन धर्म की रक्षा करते रहेंगे।

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