- विश्व बैंक की रिपोर्ट के हवाले से गरीबी घटने की बात कही
- पुणे मेट्रो की 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन का उद्घाटन
- मेट्रो के दूसरे चरण में करीब 13,500 करोड़ रुपये का निवेश
- देश का मेट्रो नेटवर्क 248 से बढ़कर करीब 1,200 किलोमीटर हुआ
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PM Modi World Bank Poverty Report: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पिछले 10 से 12 वर्षों में भारत में करीब 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने मंगलवार को पुणे में विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के साथ गरीबी कम करने में भी उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मोदी ने कहा कि पहले गरीबी के खिलाफ लड़ाई केवल नारों तक सीमित थी, जबकि अब योजनाबद्ध प्रयासों और ठोस काम के जरिए लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का काम हुआ है। प्रधानमंत्री पुणे मेट्रो की नई पिंक लाइन का उद्घाटन और दूसरे चरण की परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद संबोधित कर रहे थे।
पुणे को 21,800 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुणे मेट्रो की 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन का उद्घाटन किया। 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार यह कॉरिडोर हिंजवडी आईटी हब को शिवाजीनगर स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा। इससे शहर के प्रमुख आईटी क्षेत्र और अन्य हिस्सों के बीच आवागमन आसान होगा।
मोदी ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की भी आधारशिला रखी। करीब 13,500 करोड़ रुपये की लागत वाले इस चरण में लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए शामिल हैं। ये कॉरिडोर शहर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और आईटी केंद्रों को जोड़ेंगे। पिंक लाइन और दूसरे चरण की परियोजनाओं को मिलाकर करीब 21,800 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
248 से बढ़कर 1,200 किलोमीटर हुआ मेट्रो नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने देश में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में भारत में केवल 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन परिचालन में थी। अब यह बढ़कर करीब 1,200 किलोमीटर हो गई है। पहले देश के पांच शहरों में मेट्रो चलती थी, जबकि अब 26 शहरों में यह सुविधा उपलब्ध है। प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मेट्रो नेटवर्क दुनिया के शीर्ष तीन नेटवर्क में शामिल हो चुका है।
मोदी के अनुसार, महाराष्ट्र में 2014 में केवल 10 से 11 किलोमीटर मेट्रो लाइन चालू थी, जो अब बढ़कर करीब 175 किलोमीटर हो गई है। राज्य में 680 किलोमीटर से अधिक मेट्रो लाइनों पर काम चल रहा है। मेट्रो बुनियादी ढांचे पर महाराष्ट्र में ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है।
शहरों को ग्रोथ हब बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेट्रो से यात्रा का समय बचता है और शहरों की उत्पादकता बढ़ती है। इसका लाभ अर्थव्यवस्था, रोजगार और आम लोगों को मिलता है। उन्होंने छोटे शहरों को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र यानी ग्रोथ हब बनाने की जरूरत बताई। इसके लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये के अर्बन चैलेंज फंड को मंजूरी दी है। इसके माध्यम से आने वाले वर्षों में शहरों में बड़े पैमाने पर निवेश जुटाने का लक्ष्य है।
गरीबों को सशक्त बनाने से बदली स्थिति
मोदी ने कहा कि गरीबों को आवास, शौचालय, हर घर जल और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं देने से उनके जीवन में बदलाव आया है। इससे उनका समय बचा और अतिरिक्त कमाई के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीबों को सशक्त बनाना है, ताकि वे अपनी गरीबी से बाहर निकलने का आत्मविश्वास हासिल कर सकें। उनके मुताबिक, गरीबी घटने से नया मध्यवर्ग तैयार होता है, जिसकी खरीद क्षमता बाजार और उद्योगों को गति देती है।
महाराष्ट्र के किसानों को मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से प्रभावित किसानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य के बड़े हिस्से को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है और दिवाली से पहले पांच हजार रुपये की अंतरिम सहायता देने की घोषणा की गई है। मोदी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि एनडीए सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने देशवासियों से त्योहारों के दौरान प्रभावित किसान परिवारों की परेशानियों को याद रखने और उनकी मदद के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।