राजधानी दिल्ली में हुई खौफनाक वारदात ने हर किसी को हिला कर रख दिया है। एक आईआरएस अफसर की बेटी की ना सिर्फ हत्या की गई बल्कि उसके शरीर पर दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गईं। वहीं, शव की हालत देखकर पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों का भी कलेजा कांप उठा।
पुलिस सूत्रों की मानें तो शरीर पर मिले चोट के अनगिनत निशान और नाक की टूटी हड्डी को देखने के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस में मौजूद डॉक्टर ने कहा कि ये तो हैवानियत की हद है। ऐसे दुष्कर्मी के लिए तो हर सजा कम होगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में युवती के हाथों, होठों और चेहरे पर काटे जाने के निशान भी मिले हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पीड़िता की मौत गला घोटने से होने की पुष्टि हुई है। उसके शरीर पर संघर्ष व हमले के गहरे निशान मिले हैं। उसके दोनों हाथों, पैरों और हथेलियों पर कई खरोंचें और चोट के निशान थे। इससे पता चलता है कि घटना के दौरान युवती ने खुद को बचाने के लिए काफी देर तक संघर्ष किया। आरोपी जब काबू नहीं कर सका तो उसने गला कसा और बेहोशी की हालत में दुष्कर्म किया। गले की अंदरूनी जांच में रक्तस्राव मिला और थायरायड कार्टिलेज के दोनों हॉर्न टूटे मिले, जबकि हायोइड हड्डी सुरक्षित पाई गई।
बताया गया कि सभी आंतरिक अंगों में अत्यधिक जमाव पाया गया, जिससे गला घोंटे जाने से दम घुटने की पुष्टि होती है। आगे की जांच के लिए विसरा, लिगेचर मटेरियल (चार्जिंग केबल से जुड़े नमूने), नाखूनों की स्क्रैपिंग व अन्य सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं। सुरक्षित रखे गए स्वैब और नाखूनों के नमूनों की जांच कर साक्ष्य जुटाए जाएंगे, ताकि आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जा सके। ज्वाइंट सीपी विजय कुमार ने बताया कि इसकी रिपोर्ट दो से तीन दिन में आएगी।
पुलिस की पूछताछ में नौकर राहुल मीणा से पता चला कि राहुल के पिता उसी विभाग में कार्यरत थे, जहां पीड़िता के पिता आईआरएस अधिकारी थे। पिता के पुराने संबंधों और भरोसे के आधार पर ही आईआरएस ने राहुल को घर पर रख लिया था, लेकिन पैसों की हेराफेरी करने पर उसकी शिकायतें मिलने पर अधिकारी ने उसके पिता से शिकायत की थी। उन्होंने जब राहुल को हटा देने को कहा तब उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद से वह गांव में ही रह रहा था।