शहबाज ने यूएन में कहा, सिंधु का पानी रोकना जंग जैसा

शहबाज ने यूएन में कहा, सिंधु का पानी रोकना जंग जैसा
हाइलाइट्स
  • कश्मीर के न्यायपूर्ण समाधान की पैरवी
  • 2025 के संघर्ष का जिक्र कर ट्रंप को दिया श्रेय
  • कश्मीर और सिंधु जल संधि के मुद्दे उठाए
  • दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए कश्मीर समाधान को जरूरी बताया

Indus Waters Treaty: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से भारत के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सिंधु नदी के पानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत की ओर से सिंधु नदी के पानी को रोकने या उसके बहाव में बाधा डालने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा। शरीफ ने अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया और इसे दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए हल करने की जरूरत बताई।

शरीफ ने 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दोनों देशों के बीच संघर्ष रोकने का श्रेय देते हुए दावा किया कि उनके ‘समय पर हस्तक्षेप’ से दक्षिण एशिया में बड़े पैमाने पर लोगों की जान बची। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्षेत्र को 2025 जैसी स्थिति से बचाने के लिए कश्मीर मुद्दे का ‘न्यायपूर्ण और निष्पक्ष समाधान’ जरूरी है।

कश्मीर विवाद  

भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद 1947 से चला आ रहा है। दोनों देश जम्मू-कश्मीर के हिस्सों पर नियंत्रण रखते हैं। भारत इसे द्विपक्षीय मुद्दा मानता है, जबकि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के तहत समाधान की मांग करता है।

सिंधु जल संधि  

भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में सिंधु जल संधि हुई थी। इसमें सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों के जल के उपयोग और दोनों देशों के अधिकार निर्धारित किए गए हैं।