PM Modi Childhood Friend: पीएम मोदी के बचपन के दोस्त असगर अली वोरा को मिली जमीन वापस, विधायक ने छोड़ा कब्जा

PM Modi Childhood Friend: पीएम मोदी के बचपन के दोस्त असगर अली वोरा को मिली जमीन वापस, विधायक ने छोड़ा कब्जा

Bhayandar: मुंबई के मीरा रोड में रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन के मित्र असगर अली वोरा को उनकी जमीन वापस मिल गई है। वोरा ने एक सप्ताह पहले पीएम मोदी से मुलाकात कर भायंदर में अपनी जमीन पर कब्जे की शिकायत की थी। इसके सात दिनों के भीतर विवाद में बड़ा बदलाव आया। मंगलवार को बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और उस प्लॉट से जुड़ी कंस्ट्रक्शन की मंजूरी सरेंडर करने की बात कही।

नरेंद्र मेहता ने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले की गई अपनी शिकायत भी वापस ले ली है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।

1989 में खरीदी थी करीब 2810 वर्ग मीटर जमीन

81 साल के असगर अली वोरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात के वडनगर स्थित बी एन स्कूल में पढ़ाई की थी। वोरा ने 8 सितंबर को प्रधानमंत्री से मुलाकात कर अपनी जमीन पर कब्जे की शिकायत रखी और मामले में हस्तक्षेप की अपील की।

वोरा के मुताबिक, उन्होंने 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर में करीब 2810 स्क्वायर मीटर जमीन खरीदी थी। उनका आरोप था कि 2011 में इस प्लॉट पर स्वयं बिल्डर्स और नरेंद्र मेहता की सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स ने कब्जा कर लिया।

वोरा ने कहा कि वह करीब 15 साल से अलग-अलग सरकारी अधिकारियों के सामने यह मामला उठाते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद हुई बैठक

असगर अली वोरा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात में उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। 13 सितंबर को उनकी शिकायत और पीएम मोदी से मुलाकात अखबारों में भी सुर्खियों में रही।

इसके बाद मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी ने बैठक बुलाई। बैठक में असगर अली वोरा, बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता, मीरा-भायंदर म्युनिसिपल कमिश्नर राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे मौजूद रहे।

विधायक नरेंद्र मेहता ने क्या कहा?

बैठक के दौरान नरेंद्र मेहता ने टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट को एक पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने कहा कि वह विवादित जमीन का कब्जा छोड़ रहे हैं और प्लॉट के लिए मिली कंस्ट्रक्शन की मंजूरी भी सरेंडर कर रहे हैं।

नरेंद्र मेहता ने बताया कि उन्होंने भायंदर ईस्ट की यह जमीन 2019 में मर्विन फर्नांडीस नाम के व्यक्ति से खरीदी थी।

इसके अलावा पुलिस कमिश्नर को लिखे एक अलग पत्र में मेहता ने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने की बात कही। उन्होंने इसके पीछे दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते का हवाला दिया।

इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से असगर अली वोरा की मुलाकात के एक सप्ताह के भीतर जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों की ओर से महत्वपूर्ण कदम सामने आए।