मैगी-चाय नहीं... न ही हत्या, फिर ग्रेटर नोएडा में कैसे हुई 5 की मौत, खुला राज

मैगी-चाय नहीं... न ही हत्या, फिर ग्रेटर नोएडा में कैसे हुई 5 की मौत, खुला राज
हाइलाइट्स
• रबूपुरा में एक परिवार के 5 लोगों की मौत
• करोड़ों की संपत्ति और मुआवजे को लेकर विवाद
• दो बहनों और बहनोई समेत 3 गिरफ्तार

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र के नगला पदम सिंह गांव में महेश, उसकी पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चों की मौत के मामले में संपत्ति विवाद जांच के केंद्र में आ गया है। पुलिस ने मृतक महेश की दोनों बहनों सुनीता और सपना तथा बहनोई शेखर को गिरफ्तार किया है। महेश के मोबाइल फोन में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि, पांचों की मौत की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पोस्टमार्टम में जहरीले पदार्थ के सेवन से जुड़े लक्षण मिलने के बाद विसरा जांच के लिए भेजा गया है।

महेश (37), उसकी पत्नी ललिता (35), बेटे लड्डू साक्षात (11), बेटी मिस्टी (7) और छोटे बेटे रियांश (3) के शव शनिवार सुबह घर में मिले थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, परिवार के सभी सदस्य शुक्रवार रात बाहर से घर लौटे थे। खाना खाने के बाद वे सो गए थे।

मोबाइल में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग से जांच को मिला आधार

पुलिस ने महेश के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली। रिकॉर्डिंग में महेश ने अपनी और परिवार की मौत के लिए बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को जिम्मेदार ठहराया है।

इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। पुलिस के मुताबिक, फुटेज में कोई बाहरी व्यक्ति घर के अंदर आता दिखाई नहीं दिया। ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया।

ललिता के भाई की शिकायत पर शेखर, सुनीता और सपना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह धारा आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े मामलों में लगाई जाती है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

मां की संपत्ति और मकान को लेकर चल रहा था विवाद

पुलिस की शुरुआती जांच में मां चंद्रवती के मकान को लेकर विवाद सामने आया है। महेश अपनी मां के साथ जिस मकान में रहता था, उसे कथित तौर पर बड़ी बहन सुनीता ने मां को प्रभावित कर अपने नाम करा लिया था। मकान अपने नाम कराए जाने की जानकारी मिलने के बाद से महेश परेशान रहने लगा था।

ग्रामीणों के मुताबिक, चंद्रवती के पास दिल्ली, रबूपुरा, बिलासपुर और खुर्जा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की संपत्ति है। परिवार में संपत्ति और उससे मिलने वाली रकम के बंटवारे को लेकर लंबे समय से खींचतान होने का आरोप है। ग्रामीणों का दावा है कि दोनों बेटियों ने जमीन और मुआवजे से मिली रकम आपस में बांट ली थी, जबकि दोनों बेटों को कुछ नहीं मिला।

महेश के मोबाइल में मिली रिकॉर्डिंग में भी प्रॉपर्टी को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस इसी विवाद को पांचों की मौत के मामले से जोड़कर जांच कर रही है।

दिल्ली से खुर्जा तक फैली थी चंद्रवती की संपत्ति

ग्रामीणों के अनुसार, चंद्रवती के दिल्ली के खेड़ा कला में दो मकान हैं। इनमें से एक में बेटी सपना रहती थी, जबकि दूसरा मकान बंद रहता था। रबूपुरा के नगला पदम सिंह वाला मकान दूसरी बेटी सुनीता के नाम किए जाने की बात सामने आई है।

बिजली के बिल में बहन सुनीता का नाम देखकर महेश ने आपत्ति जताई थी। इसके अलावा बिलासपुर में एक प्लॉट भी था, जिसे करीब छह महीने पहले लगभग 80 लाख रुपये में बेच दिया गया। आरोप है कि बिक्री से मिली रकम भी दोनों बेटियों के बीच बांट दी गई।

चार बीघा जमीन और मुआवजे की रकम पर भी विवाद

चंद्रवती के पास खुर्जा के कनैनी गांव के पास करीब चार बीघा जमीन होने की जानकारी सामने आई है। गांव के रहने वाले अमीरपाल के मुताबिक, इसमें से दो बीघा जमीन कुछ समय पहले बेची गई थी, जिससे करीब 40 लाख रुपये मिले थे।

रबूपुरा क्षेत्र में पहले अधिग्रहीत जमीन के बदले करीब सवा करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था। इसके बाद सात प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान भी आया। आरोप है कि यह रकम भी दोनों बेटियों को दे दी गई।

इस तरह मकानों के नामांतरण, जमीन की बिक्री और मुआवजे से जुड़ी रकम को लेकर परिवार में विवाद होने की बात सामने आई है।

पोस्टमार्टम में मिले जहरीले पदार्थ के सेवन के लक्षण

पांचों मृतकों के पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों को पॉइजनिंग यानी जहरीले पदार्थ के सेवन से जुड़े लक्षण मिले। इसके बाद सभी के विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मौत के कारण की पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

12 साल के ऋतिक ने पांच अपनों को दी मुखाग्नि

इस घटना का असर परिवार के 12 वर्षीय ऋतिक पर भी पड़ा है। उसे अपने चाचा महेश, चाची ललिता और उनके तीन बच्चों के शवों को मुखाग्नि देनी पड़ी।

ऋतिक ने करीब आठ साल पहले अपने पिता राहुल को खो दिया था। बताया गया कि राहुल की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी और उन्होंने आत्महत्या की थी। पिता की मौत के बाद ऋतिक और उसकी बहन खुर्जा के पास स्थित अपने ननिहाल टैनी मौजपुर में रहने लगे थे।

चाचा महेश से उनका जुड़ाव परिवार के बचे हुए सहारे जैसा था। एक साथ पांच परिजनों की मौत के बाद ऋतिक के सिर से चाचा का साया भी उठ गया।