प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित "12 साल विरासत के, विकास के, जनकल्याण के" अभियान के अंतर्गत केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोनभद्र का दौरा किया।
उन्होंने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार की डेल्टा रैंकिंग में सोनभद्र ने पहला स्थान प्राप्त किया है और विकास की वर्तमान गति को देखते हुए यह जनपद पिछड़ेपन की पहचान से निकलकर शीघ्र ही एक मॉडल जनपद के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की डबल इंजन व्यवस्था ने विकास को नई दिशा और नई गति प्रदान की है।
पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, आधारभूत संरचना, ऊर्जा, सामाजिक सुरक्षा, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भरता के क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा विकसित भारत का संकल्प देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।
स्टार्टअप, रोजगार और ओडीओपी ने उत्तर प्रदेश को विकास का नया इंजन बनाया
अयोध्या, काशी और प्रयागराज वैश्विक आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहे हैं
केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस और ब्लड डोनेट बस समर्पित कर जनसेवा को दी नई गति
|
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद वर्ष 2016-17 के लगभग 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पुरी ने कहा कि 23 हजार से अधिक स्टार्टअप, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां तथा ओडीओपी और कृषि मूल्य श्रृंखलाओं के जरिए किसानों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से जोड़ने जैसे प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को विकास और रोजगार का नया इंजन बनाया है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए तथा अधिकारियों के साथ विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक कर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, ऊर्जा एवं अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।