उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भत्तों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर की गई घोषणाओं के तहत फील्ड ड्यूटी में तैनात सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अलावा PPS अधिकारियों के यूनिफॉर्म भत्ते और कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल के मोबाइल भत्ते में भी इजाफा किया गया है।
किन पुलिसकर्मियों के भत्ते कितने बढ़े?
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के भत्तों में बदलाव किया गया है। इसमें मोटरसाइकिल, यूनिफॉर्म और मोबाइल भत्ता शामिल हैं।
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मोटरसाइकिल भत्ता: फील्ड ड्यूटी में तैनात सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर को अब 700 रुपये के बजाय 1,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
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यूनिफॉर्म भत्ता: PPS अधिकारियों का भत्ता 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया है।
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मोबाइल भत्ता: कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल का मोबाइल भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह किया गया है।
इन घोषणाओं के जरिए मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के विभिन्न पदों पर तैनात कर्मियों और अधिकारियों के भत्तों में बढ़ोतरी की जानकारी दी।
कानून-व्यवस्था का जिक्र कर सीएम योगी ने क्या कहा?
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए पहले और मौजूदा हालात के बीच अंतर बताया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब अपराधी खुली जीप में बैठकर ऑटोमेटिक असलहे लहराते हुए खुलेआम घूमते थे। पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले सोचती थी और कार्रवाई होने पर अपराधी के बजाय अधिकारी पर ही गाज गिर जाती थी।
योगी ने कहा कि पहले पुलिस नेताओं के पालतू जानवरों को जंगल में तलाशने में लगी रहती थी। एसपी और थानेदार किसी अपराधी के खिलाफ कदम उठाने से पहले कई बार विचार करते थे। उन्होंने कहा कि कुछ ही घंटों में अपराधी के बजाय अधिकारी पर कार्रवाई हो जाती थी और अपराधी खुलेआम असलहे लहराते थे।
मुख्यमंत्री ने मौजूदा स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में अपराधियों को पता है कि उनका आखिरी ठिकाना कहां है।
एनकाउंटर नीति पर सवाल उठाने वालों को योगी का जवाब
मुख्यमंत्री ने पुलिस की एनकाउंटर नीति पर सवाल उठाने वालों और माफिया की कब्र पर जाकर छाती पीटने वालों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के आंसू पोंछने नहीं जाते।
योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और उनके समर्पण का जिक्र करते हुए कहा कि जब लोग त्योहारों पर अपने परिवार के साथ खुशियां मना रहे होते हैं, तब पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे होते हैं।
उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि शहीदों का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। उनके नाम केवल स्मारकों पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना पर भी अंकित होते हैं।