हाइलाइट्स
• नंदीग्राम में BJP की जीत, हसीरानी रथ ने कांग्रेस को हराया
• मिलन प्रधान को 1.20 लाख से अधिक वोटों से शिकस्त
• रेजीनगर में सखाराव सरकार आगे चल रही हैं
• नंदीग्राम में 79.39% और रेजीनगर में 78.42% मतदान
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजों ने राज्य का सियासी माहौल गर्म कर दिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नंदीग्राम में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की है, जबकि रेजीनगर सीट पर सखाराव सरकार आगे चल रही हैं। नंदीग्राम में बीजेपी की हसीरानी रथ ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 1.20 लाख से भी अधिक मतों के अंतर से हराया है।
इन दोनों सीटों के चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC), बागी TMC गुट, वामदल (CPI-M) और हुमायूं कबीर की AJUP समेत कई प्रमुख दल मैदान में थे।
6 अक्टूबर को हुई थी वोटिंग, दोनों सीटों पर बंपर मतदान
नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान कराया गया था। चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की 71 कंपनियां तैनात की गई थीं।
मतदान के आंकड़ों के मुताबिक, रेजीनगर में 78.42 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जबकि नंदीग्राम में 79.39 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
नंदीग्राम सीट बीजेपी के लिए क्यों थी अहम?
नंदीग्राम सीट का चुनाव बीजेपी के लिए खास महत्व रखता था। यहां से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहले जीत दर्ज की थी। शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को भी हराया था।
भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों सीटों पर जीत हासिल करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी। इसके बाद यहां उपचुनाव कराना पड़ा। बीजेपी ने इस सीट पर हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस की ओर से मिलन प्रधान चुनाव मैदान में उतरे।
रेजीनगर सीट पर भी मुकाबले पर नजर
रेजीनगर विधानसभा सीट हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर हुमायूं कबीर की पार्टी की ओर से उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को प्रत्याशी बनाया गया।
उपचुनाव के दौरान रेजीनगर में 78.42 प्रतिशत मतदान हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस सीट पर सखाराव सरकार आगे चल रही हैं।