बरेली में मुंहबोले बेटे ने की बुजुर्ग महिला की हत्या, 80 बीघा जमीन के लालच में रची साजिश

Date: 2026-05-06
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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों में भरोसे और लालच के खतरनाक मेल को उजागर कर दिया है। सुभाषनगर इलाके में सेवानिवृत्त दरोगा गजराज सिंह की बुजुर्ग पत्नी शारदा यादव की हत्या उसी व्यक्ति ने कर दी, जिसे वह अपना मुंहबोला बेटा मानती थीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी वरुण पाराशरी नगर निगम के टैक्स विभाग में संविदा कर्मी है। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल करते हुए बताया कि उसने शारदा यादव का विश्वास जीत लिया था और वह उसे अपने बेटे जैसा मानने लगी थीं।

आरोपी ने बताया कि शारदा यादव कभी-कभी उसके नाम सात बीघा जमीन करने की बात करती थीं, लेकिन समय बीतने के साथ वह अपनी बात से पीछे हटने लगीं। इसी बीच वरुण को यह भी जानकारी मिली कि उनके नाम करीब 80 बीघा खेती की जमीन और एक स्कूल है। इसके बाद उसने पूरी योजना बनाकर संपत्ति हासिल करने की साजिश रची। दो मई को वरुण ने शारदा यादव को फोन कर मंदिर जाने के बहाने बुलाया। वह उन्हें अपनी कार में बैठाकर मंदिर की ओर ले गया। रास्ते में उसने जमीन अपने नाम करने की बात छेड़ी, लेकिन शारदा यादव ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके तीन बेटे हैं और वह किसी अन्य व्यक्ति को संपत्ति नहीं दे सकतीं।

बताया जाता है कि इसी दौरान शारदा ने वरुण को ‘लालची’ कह दिया, जिससे वह गुस्से में आ गया। आरोपी ने पहले उन पर हमला कर उन्हें बेहोश कर दिया और फिर उनका मुंह और नाक दबाकर हत्या कर दी। यह वारदात कार के अंदर ही अंजाम दी गई। हत्या के बाद वरुण पूरी रात शव को कार में लेकर घूमता रहा। अगले दिन, तीन मई की सुबह उसने शव को पीलीभीत जिले के जहानाबाद क्षेत्र के कुकरी गांव के पास झाड़ियों में फेंक दिया। इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया जब पोस्टमार्टम के दौरान शारदा यादव के अंगूठे पर नीली स्याही पाई गई। परिजनों का आरोप है कि आरोपी हत्या से पहले उनसे किसी दस्तावेज पर अंगूठा लगवा चुका था। पुलिस टीम ने इस बिंदु को गंभीरता से लेते हुए जांच में शामिल किया है और अंगूठे की फोटो भी सुरक्षित कर ली गई है।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से घटना के समय पहने गए कपड़े और मृतका की सोने की चेन बरामद कर ली है। हालांकि, मृतका के कान का एक कुंडल और एक पायल अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि वरुण ने इस पूरी योजना के बारे में अपने पिता संजय पाराशरी से भी चर्चा की थी। यह संकेत देता है कि हत्या सिर्फ आवेश में नहीं, बल्कि पहले से सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अपराध में और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं है। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि लालच और संपत्ति के लिए इंसान किस हद तक गिर सकता है, यहां तक कि भरोसे के रिश्ते भी उसके सामने मायने नहीं रखते।

 

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