नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन होने जा रहा है और इसे लेकर पाकिस्तान में भी चर्चा तेज है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी सम्मेलन में शामिल होंगे। इसी बीच पाकिस्तानी एक्सपर्ट शकील चौधरी ने भारत-चीन के रिश्तों का उदाहरण देते हुए पाकिस्तान को अपने संबंध सुधारने की सलाह दी है।
चीन के राष्ट्रपति के भारत आने पर क्या बोले पाकिस्तानी एक्सपर्ट?
कमर चीमा ने पाकिस्तानी एक्सपर्ट शकील चौधरी से पूछा कि भारत में हो रहे BRICS सम्मेलन को पाकिस्तान किस तरह देखे। बातचीत में उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने और भारत-चीन के बेहतर होते संबंधों का भी जिक्र किया।
इस पर चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान को इस स्थिति से परेशान होने के बजाय इससे सीखना चाहिए। उनके मुताबिक, मतभेद होने के बावजूद संबंधों को आगे कैसे बढ़ाया जा सकता है, यह भारत-चीन के रिश्तों से सीखा जा सकता है।
भारत के साथ रिश्तों पर पाकिस्तान को दी सलाह
शकील चौधरी ने पाकिस्तान को भारत के साथ संबंधों में शर्तें लगाने की नीति छोड़कर सीधे बातचीत करने और नई दिल्ली का भरोसा जीतने की सलाह दी। उन्होंने चीन से भी सीखने की बात कही।
जब कमर चीमा ने भारत की शर्तों को दोनों देशों के संबंध खराब होने के लिए जिम्मेदार बताया, तो चौधरी ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि शर्तें भारत नहीं, बल्कि पाकिस्तान लगाता है।
चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान का रुख रहा है कि पहले कश्मीर का मसला हल हो। उन्होंने भारत के साथ व्यापार बंद करने का भी जिक्र किया। साथ ही पीएम मोदी के पहली बार शपथ ग्रहण में पाकिस्तान को मिले न्योते और पीएम मोदी की लाहौर यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान को खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए।
BRICS में पाकिस्तान की एंट्री पर भी सवाल
कमर चीमा ने जब पूछा कि भारत पाकिस्तान को BRICS में शामिल क्यों नहीं करना चाहता, तो शकील चौधरी ने कहा कि जब तक संबंध ठीक नहीं किए जाते, तब तक भारत से ऐसी उम्मीद कैसे की जा सकती है।
उन्होंने भारत और बांग्लादेश के बीच बॉर्डर एग्रीमेंट का भी जिक्र किया। चौधरी ने कहा कि इस समझौते में बांग्लादेश को 10000 एकड़ जमीन मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान ने भारत के साथ लगातार टकराव करके क्या हासिल किया।