धनतेरस पर खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोगों के घरों से निकलने का असर शुक्रवार शाम दिल्ली-NCR की सड़कों पर दिखाई दिया। प्रमुख बाजारों में उमड़ी भीड़ के चलते राजधानी के कई इलाकों में यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई जगह गाड़ियां रेंगती नजर आईं।
दिल्ली की सड़कों पर वाहनों की लाल टेल-लाइट्स की लंबी कतारें दिखाई दीं। दिवाली उत्सव के पहले दिन खरीदारी के लिए निकले लोगों की वजह से व्यावसायिक इलाकों से लेकर प्रमुख एक्सप्रेसवे तक यातायात का दबाव बढ़ गया। कई वाहन चालकों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
कनॉट प्लेस से चांदनी चौक तक बाजारों में भारी भीड़
धनतेरस के दौरान दिल्ली के प्रमुख बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखने को मिली। कनॉट प्लेस, चांदनी चौक, करोल बाग, लाजपत नगर और सरोजिनी नगर जैसे व्यावसायिक इलाकों में लोगों की आवाजाही काफी बढ़ गई।
इसके अलावा आनंद विहार, खिचड़ीपुर, गाजीपुर हाईवे और साउथ एक्सटेंशन में भी भारी भीड़ रही। इन इलाकों में खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों के कारण यातायात प्रभावित हुआ।
रिंग रोड और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर भी जाम
बाजारों के साथ दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, आईटीओ, डीएनडी फ्लाईवे और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार बेहद धीमी रही।
कई मुख्य सड़कें पार्किंग स्थल जैसी नजर आईं। वाहन चालक हॉर्न के शोर के बीच धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहे। दिल्ली-NCR में धनतेरस की खरीदारी का असर प्रमुख सड़क मार्गों पर साफ दिखाई दिया।
क्यों खास है धनतेरस का त्योहार?
धनतेरस देश के कई हिस्सों में मनाया जाने वाला प्रमुख हिंदू त्योहार है। इसे दिवाली उत्सव का पहला दिन माना जाता है। इस अवसर पर सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, रसोई का सामान, वाहन, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदारी को खास महत्व दिया जाता है।
इस दिन झाड़ू खरीदना भी विशेष रूप से शुभ माना जाता है। धनतेरस अश्विन या कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तेरहवीं चंद्र तिथि को मनाया जाता है।
धनतेरस पर किन देवी-देवताओं की होती है पूजा?
धनतेरस को नई वस्तुओं की खरीदारी के साथ पूजा-पाठ के लिए भी शुभ माना जाता है। इस दिन सिद्धि विनायक गणेश जी, धन की देवी महालक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा की जाती है।
इसके अलावा धन्वंतरि की भी आराधना की जाती है। उन्हें आयुर्वेद का देवता माना जाता है। मान्यता के अनुसार, उन्होंने मानव जाति के कल्याण के लिए आयुर्वेद का ज्ञान प्रदान किया।