भारतीय सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा को आउट करने के बाद अपमानजनक इशारा करना पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को भारी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने सोमवार को बताया कि फातिमा पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। यह मामला महिला एशिया कप के ग्रुप मैच से जुड़ा है।
शैफाली को आउट करने के बाद किया था इशारा
यह घटना शनिवार, 5 सितंबर को भारत की पारी के दूसरे ओवर में हुई। शैफाली वर्मा को आउट करने के बाद फातिमा ने पवेलियन की ओर इशारा किया था।
आईसीसी ने फातिमा को खिलाड़ियों और खिलाड़ियों के सहयोगी स्टाफ से जुड़ी आचार संहिता के लेवल एक के नियम 2.5 के उल्लंघन का दोषी पाया।
यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान बल्लेबाज के आउट होने पर ऐसे शब्दों, हरकतों या इशारों से संबंधित है, जो बल्लेबाज का अपमान कर सकते हैं या उसे आक्रामक प्रतिक्रिया के लिए उकसा सकते हैं।
फातिमा के डिमेरिट अंक बढ़कर दो हुए
इस मामले में फातिमा के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक और डिमेरिट अंक जोड़ा गया है। 24 महीने की अवधि में यह उनकी दूसरी गलती है। इसके बाद एक साल के भीतर उनके डिमेरिट अंकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
फातिमा को इससे पहले 6 अगस्त 2025 को डबलिन में आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के पहले मैच के दौरान एक डिमेरिट अंक मिला था।
फातिमा ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। मैच रैफरी सुप्रिया रानी दास की ओर से प्रस्तावित सजा को भी उन्होंने स्वीकार किया। इसलिए इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
लेवल-एक उल्लंघन पर कितनी सजा?
फातिमा के खिलाफ मैदानी अंपायर निमाली परेरा और शथिरा जाकिर जेसी, तीसरी अंपायर रोकैया सुल्ताना और चौथे अंपायर रबाब अहसन ने आरोप लगाए थे।
लेवल-एक के उल्लंघन पर न्यूनतम सजा आधिकारिक फटकार है। वहीं अधिकतम सजा खिलाड़ी की मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक हो सकती है।