Russia-Ukrain War: Porn दिखा दिखाकर रूस से लड़ने का यूक्रेन का अजीबोगरीब प्लान!

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रूस के साथ चल रही जंग के बीच यूक्रेन पैसे जुटाने के लिए एडल्ट कंटेंट के कारोबार को लीगल करने और उस पर टैक्स लगाने पर विचार कर रहा है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम से हर साल करीब 2.5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 236 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है। दावा है कि इतनी रकम से करीब 30 हजार ड्रोन खरीदे जा सकते हैं।

231 सांसदों ने बिल के पक्ष में किया मतदान

14 जुलाई 2026 को यूक्रेन की संसद ने संबंधित बिल को पहली रीडिंग में मंजूरी दी। इसके पक्ष में 231 सांसदों ने वोट किया, जबकि 8 सांसद इसके खिलाफ रहे। वहीं, 3 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

पहली रीडिंग में मंजूरी का मतलब है कि बिल को संसद की शुरुआती स्वीकृति मिल गई है, लेकिन इसे कानून बनने के लिए अभी आगे की प्रक्रिया से गुजरना होगा। अब इसे दूसरी रीडिंग में पेश किया जाएगा। यानी फिलहाल यूक्रेन में एडल्ट कंटेंट पूरी तरह लीगल नहीं हुआ है।

बिल में यह प्रावधान भी है कि अगर दो बालिग अपनी सहमति से एडल्ट कंटेंट बनाते हैं, तो इसे अपराध नहीं माना जाएगा। हालांकि, बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले कंटेंट पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मौजूदा कानून में क्या है प्रावधान?

फिलहाल यूक्रेन में पोर्न कंटेंट बनाना, बेचना या उसे दूसरों तक पहुंचाना कानून के तहत अपराध है। ऐसे मामलों में क्रिमिनल कोड की धारा 301 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। गंभीर या बार-बार किए गए मामलों में 7 साल तक की जेल हो सकती है।

यही स्थिति एडल्ट कंटेंट बनाने वालों के लिए परेशानी पैदा करती है। वे अपनी कमाई सरकार को बताकर उस पर टैक्स देना चाहें, तो उनके काम की जानकारी सामने आ सकती है। इसके बाद पोर्नोग्राफी कानून के तहत भी कार्रवाई का डर बना रहता है।

प्रस्तावित बिल इसी स्थिति को बदलने की कोशिश करता है। इसका उद्देश्य बालिग लोगों की सहमति से बनाए गए एडल्ट कंटेंट को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और इससे होने वाली कमाई को स्पष्ट नियमों के तहत टैक्स के दायरे में लाना है।

OnlyFans से यूक्रेनी क्रिएटर्स की बड़ी कमाई

यूक्रेन में ऑनलाइन एडल्ट कंटेंट का कारोबार तेजी से बढ़ा है। ओनलीफैंस जैसे प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यूक्रेनी क्रिएटर्स काम कर रहे हैं।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में करीब 7,900 यूक्रेनी लोगों ने ओनलीफैंस से 13.1 करोड़ डॉलर से ज्यादा कमाए थे। भारतीय रुपये में यह रकम करीब 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा होती है।

यह आंकड़ा केवल ओनलीफैंस से हुई कमाई का है। पूरे एडल्ट कंटेंट कारोबार की कमाई इससे ज्यादा है। इसी वजह से सरकार इस क्षेत्र से मिलने वाले टैक्स पर नजर रख रही है।

समर्थकों ने भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया

बिल के समर्थकों का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल सरकारी कमाई बढ़ाना नहीं है। उनका तर्क है कि जब कोई कारोबार गैरकानूनी होता है, तो उसे छिपाकर चलाने के लिए अधिकारियों के दबाव और रिश्वत जैसी चीजों की गुंजाइश बढ़ सकती है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यूक्रेन के तीन इलाकों में अधिकारियों पर एडल्ट कंटेंट कारोबार से जुड़े लोगों से रिश्वत लेने के आरोपों का भी जिक्र किया गया है। समर्थकों का मानना है कि स्पष्ट नियम बनने से लोगों और अधिकारियों के बीच ऐसी गड़बड़ियों की गुंजाइश कम हो सकती है।

एडल्ट कंटेंट क्रिएटर स्वितलाना द्वोर्निकोवा का नाम भी इस मामले में सामने आया है। उनका दावा है कि वह अब तक करीब 9 लाख डॉलर टैक्स दे चुकी हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार इस कारोबार को लीगल कर उससे बाकायदा टैक्स लेती है, तो युद्ध के दौरान देश को अतिरिक्त पैसा मिल सकता है। इस रकम का इस्तेमाल ड्रोन और दूसरे सैन्य सामान खरीदने में किया जा सकता है। स्वितलाना पहले भी एडल्ट कंटेंट बनाने वालों पर होने वाली कानूनी कार्रवाई का मुद्दा उठा चुकी हैं।

2.5 करोड़ डॉलर यूक्रेन के लिए कितने अहम?

सरकार को अगर हर साल करीब 2.5 करोड़ डॉलर मिलते हैं, तो यह रकम बड़ी दिखाई देती है। हालांकि, यूक्रेन की मौजूदा जरूरतों के सामने यह राशि काफी छोटी है।

अगस्त 2026 में यूक्रेन के रक्षा मंत्री ने बताया था कि 2026 के रक्षा बजट में करीब 27 अरब डॉलर की कमी है। ऐसे में एडल्ट कंटेंट से मिलने वाला संभावित टैक्स युद्ध से जुड़ी यूक्रेन की पूरी जरूरत को पूरा नहीं कर सकता। हालांकि, सरकार के लिए यह पहले से चल रहे कारोबार से अतिरिक्त पैसा जुटाने का एक जरिया हो सकता है।

अब सबकी नजर संसद की दूसरी रीडिंग पर है। अगर बिल वहां भी पास हो जाता है, तो यूक्रेन में एडल्ट कंटेंट को लेकर कानून बदलने और इस कारोबार को टैक्स के दायरे में लाने का रास्ता साफ हो सकता है।