सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद MCD ने डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार और सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह समेत पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में एग्जिक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार भी शामिल हैं। MCD के इतिहास में पहली बार डिप्टी कमिश्नर रैंक के किसी अधिकारी को सस्पेंड किया गया है।
सत्य निकेतन मामले में राकेश कुमार पर कार्रवाई
साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। वह करीब तीन साल पहले डेपुटेशन पर MCD में आए थे। इससे पहले उन्हें सिविल लाइन जोन का डिप्टी कमिश्नर बनाया गया था। करीब आठ महीने पहले उन्हें साउथ जोन का डिप्टी कमिश्नर बनाया गया था।
राकेश कुमार के कार्यकाल के दौरान जनवरी 2025 में बुराड़ी इलाके में पांच मंजिला बिल्डिंग ध्वस्त हुई थी। इस हादसे में भी 7-8 लोगों की मौत हुई थी।
बुराड़ी में भी इनके कार्यकाल में गिरी थी इमारत
सस्पेंड किए गए सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रणवीर सिंह को साल 2019 में 56जे के तहत नौकरी से निकाल दिया गया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद वह कुछ महीने पहले ही बहाल हुए थे। इसके बाद उन्हें साउथ जोन में तैनात किया गया था।
वहीं, एग्जिक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल कुछ महीने पहले ही असिस्टेंट इंजीनियर से प्रमोट होकर एग्जिक्यूटिव इंजीनियर बने थे। अप्रैल 2026 से वह साउथ जोन के बिल्डिंग विभाग दो में तैनात थे।
बिल्डिंग विभाग दो में तैनात थे दो अन्य अधिकारी
सस्पेंड किए गए असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार करीब तीन साल से बिल्डिंग विभाग दो में तैनात हैं।
PMO ने हादसे के तुरंत बाद मांगी रिपोर्ट
MCD के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद PMO ने रिपोर्ट मांगी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित स्टाफ को घर से बुलाया गया और बिल्डिंग हादसे की डिटेल रिपोर्ट तैयार की गई।
यह रिपोर्ट रविवार रात में ही PMO को भेज दी गई थी। इसके बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह मामला सीनियर स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।