शामली में दिशा की बैठक के बाद प्रेसवार्ता में कैराना सांसद इकरा हसन ने प्रदेश की राजनीति को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को प्रदेश में अगर कोई हरा सकता है तो वह समाजवादी पार्टी है। कांग्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि वह कुछ नहीं कर पाएगी।
दिशा की बैठक में इकरा हसन ने अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े कई विकास कार्यों में देरी का मुद्दा भी उठाया। बैठक में सड़क, शिक्षा, पुल, हाईवे और आयुष्मान योजना से जुड़े मामले सामने रखे गए।
इकरा हसन ने सपा को बताया भाजपा की मुख्य चुनौती
प्रेसवार्ता में इकरा हसन ने कहा कि प्रदेश में भाजपा के मुकाबले समाजवादी पार्टी ही मुख्य राजनीतिक चुनौती है। उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने की स्थिति में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव हैं।
कांग्रेस के बारे में सांसद ने कहा कि गठबंधन नहीं रहने पर कांग्रेस को नुकसान होगा, जबकि सपा को इससे कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस कुछ नहीं कर पाएगी।
विकास कार्यों में देरी का मुद्दा उठाया
दिशा की बैठक में इकरा हसन ने अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों में देरी का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष में होने के कारण उनके क्षेत्र के काम नहीं हो रहे हैं।
सांसद ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह से सवाल किया कि क्या वह भाजपा और रालोद के हैं। इस पर अभियंता ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं हैं और शासन के निर्देश के अनुसार काम कर रहे हैं।
इकरा हसन ने बताया कि गढ़ी दथेडा से नाई नगला होते हुए थालवा और कैराना से इस्सौपुर खुरगान तक सड़क निर्माण के लिए शासन से मंजूरी कराई गई है। उन्होंने 800 मीटर सड़क का निर्माण कराने और प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की।
राजकीय इंटर कॉलेज और शिक्षकों की कमी का मामला
सांसद ने चौसाना और माल्हीपुर में राजकीय इंटर कॉलेज नहीं होने का मुद्दा भी बैठक में उठाया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण कॉलेज के लिए भूमि देने को तैयार हैं। उन्होंने डीआईओएस और डीएम से राजकीय इंटर कॉलेज का प्रस्ताव तैयार कराने को कहा।
इसके अलावा बंतीखेड़ा जूनियर हाईस्कूल और इस्सौपुर खुरगान में गणित व विज्ञान के शिक्षकों की कमी का मामला भी सामने रखा गया। चहारदीवारी विहीन प्राथमिक विद्यालयों की सूची डीएम को सौंपी गई।
कैराना के दिगंबर जैन इंटर कॉलेज को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का मामला भी बैठक में रखा गया।
अधूरे पुल और हाईवे की मरम्मत पर सवाल
बैठक में बलवा और शामली सदर तहसील क्षेत्र में स्वीकृत उपरिगामी पुलों के निर्माण का मुद्दा भी उठा। एनएचएआई बागपत इकाई के अभियंता सत्यम सेठ ने बताया कि बिजली के खंभे हटने के बाद पुलों का निर्माण शुरू होगा। दोनों पुलों को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे पर गड्ढों और मरम्मत में देरी का मामला भी उठाया गया। अभियंता ने बताया कि गौरीपुर से खेकड़ा तक हाईवे की मरम्मत हो चुकी है और गौरीपुर मोड़ से शामली तक जल्द पेचवर्क कराया जाएगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह के बैठक में मौजूद नहीं होने पर इकरा हसन ने नाराजगी जताई।
आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की जांच के निर्देश
बैठक में आयुष्मान योजना में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए गए। इसके साथ कांधला-किवाना की जर्जर सड़क, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और जल जीवन मिशन के तहत सड़कें खोदकर काम पूरा नहीं करने का मामला भी उठाया गया।
आयुष्मान योजना के नाम पर अस्पतालों में 40 करोड़ 42 लाख रुपये की गड़बड़ी और धनराशि वसूलकर अल्ट्रासाउंड लाइसेंस जारी करने के आरोप लगाए गए। डीएम आलोक यादव ने सीएमओ डॉ. तृतीय कुमार को मामले की जांच के निर्देश दिए।