इटली में परमाणु ऊर्जा की वापसी, संसद ने कानून को दी अंतिम मंजूरी

इटली में परमाणु ऊर्जा की वापसी, संसद ने कानून को दी अंतिम मंजूरी
  • करीब 40 साल बाद परमाणु ऊर्जा के लिए कानूनी ढांचा तैयार
  • मेलोनी ने ऊर्जा सुरक्षा बढ़ने और विदेशी निर्भरता घटने की बात कही
  • नई पीढ़ी की परमाणु तकनीक को नवीकरणीय ऊर्जा के साथ जोड़ने पर जोर
  • डेटा सेंटर और एआई से बढ़ती बिजली मांग पूरी करने का लक्ष्य

Italy Nuclear Energy: इटली की संसद ने करीब चार दशक बाद देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने वाले विधेयक को अंतिम मंजूरी दे दी। सीनेट ने बुधवार को सरकार के परमाणु ऊर्जा संबंधी विधेयक को 81 मतों के समर्थन, 51 विरोध और सात मतों के साथ पारित किया। विधेयक को जून में प्रतिनिधि सभा की मंजूरी मिल चुकी थी।

प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पोस्ट में संसद के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 40 साल बाद इटली में परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए नियमों का ढांचा तैयार हुआ है। उन्होंने इसे “साहसिक और व्यावहारिक” फैसला बताया। मेलोनी ने कहा कि इटली फिलहाल पड़ोसी देशों के परमाणु संयंत्रों से उत्पादित बिजली आयात करता है, जबकि खुद इसका उत्पादन नहीं कर सकता।

मेलोनी के मुताबिक नए कानून से परिवारों और कारोबारों के लिए ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने तथा विदेशों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा स्थिर और कम उत्सर्जन वाली बिजली उपलब्ध कराने में भूमिका निभा सकती है और इसे नवीकरणीय ऊर्जा समेत अन्य स्रोतों के साथ इस्तेमाल किया जाएगा।

उन्होंने डेटा सेंटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विस्तार से भविष्य में बिजली की बढ़ती मांग का भी उल्लेख किया। मेलोनी ने कहा कि इटली पुरानी परमाणु इकाइयों के बजाय नई पीढ़ी की तकनीकों पर ध्यान देगा।

अब सरकार को सुरक्षा, संयंत्रों की अनुमति, परमाणु कचरे के प्रबंधन और प्रभावित क्षेत्रों के साथ समन्वय से जुड़े विस्तृत नियम तैयार करने होंगे। कानून सरकार को परमाणु ऊर्जा के पूरे चक्र के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा तैयार करने का अधिकार देता है।