हाइलाइट्स :
• NHM कर्मचारियों के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा
• भाजपा विधायकों के विरोध के बीच धक्का-मुक्की
• सात दिवसीय ऑटम सेशन का आज पहला दिन
• NHM कर्मचारी नौकरी सुरक्षा और EPF कवरेज की मांग पर प्रदर्शनरत
• श्रीनगर में J&K अपनी पार्टी के नेता हिरासत में लिए गए
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सात दिवसीय ऑटम सेशन की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। पहले दिन NHM कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर भाजपा विधायकों के विरोध के बीच सदन में हंगामा और धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सदन में अपनी बात रखते रहे।
विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा की अगुवाई में विपक्षी विधायकों ने NHM कर्मचारियों और जनता से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर विरोध किया। वहीं, NHM कर्मचारी पूरे जम्मू-कश्मीर में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
NHM कर्मचारियों की क्या हैं मांगें?
NHM कर्मचारियों की ओर से नौकरी से जुड़ी पॉलिसी, नौकरी की सुरक्षा, रिटायरमेंट के फायदे, सामाजिक सुरक्षा और EPF कवरेज समेत अन्य लंबित मुद्दों को उठाया गया है।
विधानसभा के पहले दिन इन मुद्दों को लेकर भाजपा विधायकों के विरोध के बीच सदन में स्थिति हंगामापूर्ण रही।
डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने विरोध कर रहे भाजपा विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा, "हमारे मंत्री किसी भी मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन ये लोग सुनने को तैयार नहीं हैं। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों से अपील करता हूं कि वे भाजपा विधायकों का असली चेहरा देखें, जो नहीं चाहते कि जन-कल्याण के काम हों।"
श्रीनगर में भी विरोध प्रदर्शन, J&K अपनी पार्टी के नेता हिरासत में
विधानसभा के हंगामे के बीच श्रीनगर में सिविल सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे J&K अपनी पार्टी के नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
J&K अपनी पार्टी के नेता मोहम्मद अशरफ मीर ने रिजर्वेशन पॉलिसी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "हम आज खास तौर पर रिज़र्वेशन पॉलिसी के खिलाफ़ विरोध करने आए हैं... इस पर तैयार की गई रिपोर्ट कहां है? भरोसा दिया गया था कि रिज़र्वेशन पॉलिसी को छह महीने के अंदर सार्वजनिक कर दिया जाएगा, लेकिन लोगों खासकर ओपन मेरिट कैटेगरी के छात्रों को अब तक गुमराह किया गया है। दो साल बीत चुके हैं, फिर भी सरकार टस से मस नहीं हुई है... रिज़र्वेशन का मुद्दा बहुत गंभीर है। डिग्री होने के बावजूद, हमारे युवा कुछ हासिल नहीं कर पा रहे हैं; वे ड्रग्स और बेरोज़गारी का शिकार हो गए हैं और परेशान हैं..."
मीर ने विधानसभा में होने वाले हंगामे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "विधानसभा में विधायक आपस में लड़ते-झगड़ते रहते हैं और संसाधनों की बर्बादी करते हैं। वहां से लोगों के फायदे का कोई फैसला नहीं निकल रहा है। हम उन्हें चाहे वह नेशनल कॉन्फ्रेंस हो या विपक्ष यह याद दिलाने आए हैं कि लोगों के मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।"
JKNC विधायक ने सत्र को लेकर क्या कहा?
विधानसभा सत्र को लेकर JKNC विधायक नज़ीर अहमद खान ने कहा, "...लोगों के सभी मुद्दे, चाहे पानी, बिजली या कोई और मुद्दा हो। इस बार भी मुझे उम्मीद है कि सरकार इन मुद्दों पर जवाब देगी और समाधान निकालेगी। हम जनता के मुद्दे उठाएंगे... हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि स्पेशल स्टेटस और राज्य का दर्जा हमारी प्राथमिकता है। आखिरी सांस तक हम उस चीज़ के लिए लड़ते रहेंगे जो हमसे छीन ली गई है। इसे बहाल किया जाएगा..."