राहुल की चिट्ठी के बाद हेमंत सोरेन ने रद्द कीं TDPL की कराई सभी परीक्षाएं

राहुल की चिट्ठी के बाद हेमंत सोरेन ने रद्द कीं TDPL की कराई सभी परीक्षाएं

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणा

TDPL द्वारा आयोजित की गई परीक्षाएं, TDPL द्वारा प्रकाशित रिजल्ट, TDPL द्वारा जो भी अभ्यर्थी चुने गए हैं या TDPL द्वारा जो भी गतिविधियां यहां की गई है, उन सभी को रद्द किया जाता है।

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को ऐलान किया कि प्रदेश में TDPL द्वारा कराई गई सभी परीक्षाएं रद्द की जाएंगी।

छात्रों के आंदोलन के 24 वें दिन JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर आंदोलनकारी छात्रों की लगभग सभी मांगों को स्वीकार कर लिया गया। इस फैसले के लिए प्रदेश कैबिनेट की विशेष बैठक हुई जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फैसलों का ऐलान किया।

सोरेन ने कहा कि TDPL की परीक्षा, रिजल्ट और TDPL की जितनी भी गतिविधियां हैं उन्हें कैंसिल किया जाता है। उन्होंने कहा कि मामले की SIT और CID जाँच हो रही है लेकिन सरकार रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जाँच कराएगी। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद जितनी भी गतिविधियां हुई हैं उन सभी की जाँच होगी।

आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत के लिए झारखंड सरकार ने मंत्रियों की तीन सदस्यीय समिति बनाई थी जिसने कई दौर की बातचीत की । छात्रों की कुछ मांगे पहले ही मान ली गईं थी लेकिन मुख्य मुद्दा सीबीआई CBI जाँच कराने और JSSC की परीक्षा को रद्द करना था।

इससे पहले काँग्रेस नेता राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों की मांगों को ‘जायज’ ठहराते हुए उनपर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को कहा था।

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा, ‘कृपया उनकी बात सुनने और इस मुद्दे के समाधान के लिए उचित कदम उठाने की पूरी कोशिश करें।’

विपक्ष के नेता ने कहा, ‘मैं आपको यह सुझाव देने के लिए लिख रहा हूँ कि आप व्यक्तिगत रूप से विरोध कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलें। इससे उनकी बाकी चिंताओं को दूर करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और मज़बूत होगी।’

पत्र में उन्होंने कहा, ‘ हमारा यह भी मानना ​​है कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर RSS और BJP का कब्ज़ा हो गया है और इसे छात्रों के शोषण और दमन का ज़रिया बना दिया गया है। यह अब वैसी मज़बूत ज्ञान-व्यवस्था नहीं रही जैसी एक दशक पहले हुआ करती थी।