मारीशस में सनातन की गूँज, गुरुकुल की होगी स्थापना

मारीशस में सनातन की गूँज, गुरुकुल की होगी स्थापना

सनातन संस्कृति के मूल सिद्धांतों, जीवन मूल्यों, संस्कारों एवं समाज निर्माण की भावना को विश्व स्तर पर प्रसारित करने के उद्देश्य से मारीशस में ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ का अधिवेशन आयोजित किया गया जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए समाज एवं युवा पीढ़ी से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला।

ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ द्वारा मॉरीशस में एक गुरुकुल स्थापना की नई नींव रखने का संकल्प लिया गया है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति, संस्कारों, शिक्षा एवं जीवन मूल्यों से जोड़ना है।

ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ द्वारा मॉरीशस में आयोजित इस अधिवेशन का शनिवार को समापन हुआ। यह अधिवेशन सनातन संस्कृति, संस्कारों, सामाजिक जागरूकता एवं मानव कल्याण के संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

कार्यक्रम में गौतम खट्टर ने सनातन संस्कृति के मूल सिद्धांतों, जीवन में संस्कारों के महत्व एवं भारतीय मूल्यों की आवश्यकता पर विचार प्रस्तुत किया जबकि निधि रामनेओराह ने अपनी प्रेरणादायक कविता एवं विचारों के माध्यम से संस्कृति, पहचान एवं समाज के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

विनय भट्ट  ने युवाओं को नशे जैसी सामाजिक चुनौतियों से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने एवं बेहतर भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित किया।कल्याणी जुग्गू ने समाज में महिलाओं की भूमिका, योगदान एवं सशक्तिकरण के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

इस अधिवेशन में विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं युवाओं ने भी सहभागिता की, जिन्होंने सनातन संस्कृति, संस्कारों एवं सामाजिक मूल्यों को समझने का अवसर प्राप्त किया।

इस अवसर पर मॉरीशस के माननीय राष्ट्रपति धरमबीर गोक्हूल के प्रति विशेष आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया, जिन्होंने ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को समय दिया एवं संगठन के उद्देश्य एवं विचारों को समझने की कोशिश की।

कार्यक्रम में मुख्य न्यासी पंडित सतीश चंद्र मिश्र, पंडित रविंद्र नाथ मिश्र, कल्लू महाराज, नवनीत पांडेय, कुंतक मिश्रा, कुशाग्र मिश्र,सुजीत, राजू, राकेश, शिवनाथ, रजनी आदि लोग उपस्थित रहे।