- छात्र प्रदर्शनों पर नसीरुद्दीन शाह ने सरकार को घेरा
- खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताकर चर्चा में आए अभिनेता
- किरेन रिजिजू ने शाह पर सोशल मीडिया पर साधा निशाना
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Naseeruddin Shah Dimagi Naxal: अभिनेता नसीरुद्दीन शाह छात्र प्रदर्शनों को लेकर सरकार के रुख पर सवाल उठाने के बाद विवादों में आ गए हैं। उन्होंने एक वीडियो में जामिया में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और उससे निपटने के तरीके पर सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और सत्यजीत रे फिल्म संस्थान से जुड़े पुराने घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उनके बयान के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी।
छात्र प्रदर्शनों और लोकतंत्र को लेकर उठाए सवाल
नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में युवाओं के साहस, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने छात्र आंदोलनों के प्रति सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए जामिया के घटनाक्रम को पहले के कुछ विवादों से जोड़कर देखा।
शाह की टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का जिक्र किया जा रहा है। शाह ने इसी शब्द का इस्तेमाल अपने संदर्भ में किया।
किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अभिनेता की आलोचना की। उन्होंने लिखा, “मैं सोचता था कि नसीरुद्दीन शाह सिर्फ एक साधारण अभिनेता हैं। मैं उनका सम्मान करता था और उन्हें पसंद भी करता था। मुझे नहीं पता था कि वह एक खतरनाक शहरी दिमागी नक्सल हैं।”
रिजिजू ने आगे लिखा कि उन्हें शाह के असली चरित्र के बारे में बहुत देर से पता चला और वह उन्हें भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद हानिकारक मानते हैं। मंत्री की यह प्रतिक्रिया शाह के वीडियो को लेकर जारी विवाद के बीच आई।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर शाह के बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ पोस्ट में मीम और वीडियो एडिट साझा किए गए, जबकि कुछ लोगों ने अभिनेता के पारिवारिक इतिहास और 1857 के विद्रोह से जुड़े संदर्भों का उल्लेख किया।