West Asia Crisis: युद्ध के खतरे के बीच भारत एक्शन में, मोदी सरकार ने बनाए 7 हाई-पावर ग्रुप

Authored By: News Corridors Desk | 24 Mar 2026, 07:53 PM
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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी युद्ध के बीच भारत सरकार ने हालात से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने 7 नए अधिकार संपन्न समूह (Empowered Groups) बनाए हैं, जो संकट से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर लगातार निगरानी रखेंगे।

क्यों बनाए गए ये 7 समूह?

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब वैश्विक स्तर पर असर डाल रहा है और इसका सीधा प्रभाव भारत पर भी पड़ रहा है। युद्ध के कारण ऊर्जा संकट गहराया है व्यापारिक रास्ते प्रभावित हुए हैं पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों की सप्लाई प्रभावित हो रही है इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

क्या काम करेंगे ये 7 ग्रुप?

सरकार द्वारा बनाए गए ये समूह कई अहम जिम्मेदारियां निभाएंगे:

LPG, गैस और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता की निगरानी, महंगाई और सप्लाई चेन पर नजर, आयात-निर्यात में आने वाली बाधाओं का आकलन
अलग-अलग सेक्टर पर संकट के प्रभाव का अध्ययन इन समूहों में विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल होंगे, जो समय-समय पर सरकार को सुझाव देंगे। कोरोना मॉडल पर काम कर रही सरकार पीएम मोदी ने बताया कि जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान अलग-अलग ग्रुप बनाकर काम किया गया था, उसी तरह अब इस संकट से निपटने के लिए भी रणनीति तैयार की गई है।

इसका मतलब है कि सरकार “Whole of Government Approach” के तहत हर सेक्टर को साथ लेकर काम कर रही है।

भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

पश्चिम एशिया संकट भारत के लिए कई वजहों से अहम है:

भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है
खाड़ी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापार प्रभावित

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिनमें भारतीय क्रू भी शामिल हैं।

क्या कर रही है सरकार?

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है:

ईरान, इजराइल और अमेरिका से संपर्क
खाड़ी देशों के नेताओं से बातचीत
युद्ध को कम करने और शांति बहाल करने की कोशिश

भारत ने साफ किया है कि व्यापारिक जहाजों पर हमले और अंतरराष्ट्रीय मार्गों में बाधा अस्वीकार्य है।

आगे की रणनीति क्या है?

सरकार तीन स्तर पर काम कर रही है:

Short Term: जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बनाए रखना
Mid Term: आयात के वैकल्पिक स्रोत तलाशना
Long Term: ऊर्जा और व्यापार में आत्मनिर्भरता


पश्चिम एशिया संकट ने भारत के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे में 7 नए समूहों का गठन सरकार की एक बड़ी रणनीतिक पहल है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और नागरिकों की सुरक्षा को बनाए रखने में मदद मिलेगी।