PM मोदी-पुतिन की महामुलाकात से बना सॉलिड प्लान, इन 5 मुद्दों पर रहा फोकस

PM मोदी-पुतिन की महामुलाकात से बना सॉलिड प्लान, इन 5 मुद्दों पर रहा फोकस
PM Modi-Putin Meeting: भारत और रूस के रिश्तों की गर्मजोशी शुक्रवार को नई दिल्ली में एक बार फिर देखने को मिली। द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ही कार में सवार होकर भारत मंडपम पहुंचे। यहां दोनों नेताओं ने INNOPROM प्रदर्शनी का दौरा किया।

INNOPROM दुनिया भर के निर्माताओं और खरीदारों को एक मंच पर लाने वाली औद्योगिक प्रदर्शनी है। इसका मकसद नई तकनीकों को प्रदर्शित करना, अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बढ़ाना और B2B संपर्क को मजबूत करना है।

भारत-रूस व्यापार को 2030 तक 100 अरब डॉलर पहुंचाने पर चर्चा

मोदी-पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता में भारत और रूस के बीच व्यापार को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर भी चर्चा हुई।

बातचीत में भारत में INNOPROM के आयोजन और इसके जरिए औद्योगिक सहयोग बढ़ाने का मुद्दा भी शामिल रहा। इसमें रेलवे, सुरंग निर्माण, स्टील वैल्यू चेन, B2B अवसरों और भारतीय कारोबारियों की रूसी बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर फोकस किया गया।

इन 5 मुद्दों पर हुई चर्चा

  • 2030 तक भारत-रूस व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य।
  • मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे, स्टील और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाना है।
  • परमाणु ऊर्जा और इससे जुड़ी परियोजनाओं में सहयोग मजबूत करना है।
  • रूस में भारतीय कुशल कामगारों और प्रोफेशनल्स के लिए अवसर बढ़ाना है।
  • महत्वपूर्ण खनिजों और उनकी सप्लाई चेन में भारत-रूस सहयोग बढ़ाना है।

पीएम मोदी को रूस आने का निमंत्रण

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस समिट के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया है। पीएम मोदी ने यह निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और स्किल मोबिलिटी समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा हुई।

ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली आए पुतिन

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं। वह 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेंगे।

भारत की BRICS Chairship की थीम Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability है। सम्मेलन में विकास, व्यापार, वित्त, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क जैसे मुद्दों पर फोकस रहेगा।