Teacher's Day PM Modi Interacts with Teachers: आज 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने नेशनल टीचर्स अवार्ड्स विनर्स से बातचीत की। इस दौरान बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण को लेकर शिक्षकों से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने शिक्षकों से बच्चों की अलग-अलग खूबियों और टैलेंट को पहचानने को लेकर सवाल किया।
संवाद के दौरान पीएम मोदी ने कहा, "हो सकता है एक-आध बच्चा शिक्षा में ठीक नहीं होगा, लेकिन परमात्मा ने हर एक को कोई ना कोई ताकत दी होती है। क्या आप लोग उसके टैलेंट को पहचानने के लिए कोई कोशिश करते हैं?"
इस पर शिक्षकों ने बताया कि वे इस दिशा में बहुत सारी कोशिश करते हैं। एक शिक्षक ने कहा कि विद्यालय और कक्षा में मौजूद सभी बच्चों में अलग-अलग खूबी, अलग-अलग टैलेंट और अलग-अलग चैलेंज होते हैं। शिक्षक के तौर पर इन सभी टैलेंट्स को आइडेंटिफाई किया जाता है।PM Modi Interacts with Teachers:
ब्रेस्ट कैंसर पर शिक्षक के शोध की पीएम मोदी ने की चर्चा
संवाद के दौरान एक शिक्षक ने अपने शोध का विषय ब्रेस्ट कैंसर बताया। उन्होंने कहा, "मेरा शोध का विषय ब्रेस्ट कैंसर रहा है। ब्रेस्ट कैंसर आज भी एक ऐसा विषय है, जिसमें महिलाएं बात करने से बहुत हिचकती हैं। कुछ चीजें हमारी कैपेसिटी में हैं, जो हम कर सकते हैं, जैसे कि महिलाएं कम से कम पहचान सकें कि उन्हें एक डॉक्टर्स की सलाह की जरूरत है। हम बेसिकली ब्रेस्ट कैंसर वाले इश्यूज को लेकर हाइजींस पर काम कर रहे हैं।"
इस पर पीएम मोदी ने कहा, "आप इसी विषय में काम कर रही हो तो मैं काशी का सांसद हूं। तो मैंने वहां एक अभियान लिया, ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस का। मुझे बहुत खुशी है कि इन दिनों महिलाएं सामने से आकर के अपने विषय में चेकअप कराती हैं। पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। दूसरा एक अच्छा अनुभव आया जब एक दिन में मैक्सिमम लोगों का चेकिंग करने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्होंने रजिस्टर किया।"
स्क्रीन टाइम को लेकर पीएम मोदी ने कही ये बात
बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर भी पीएम मोदी ने शिक्षकों से बात की। उन्होंने कहा, "स्क्रीन टाइम एक विषय है और अब ये एक प्रकार का एडिक्शन है। मेरे मन में एक विचार आता है कि अगर बच्चा खेलकूद के अंदर बहुत रुचि लेने लग जाए। यानी एक्चुअली मैदान में वो खेलना शुरू करे तो धीरे-धीरे वह उसमें से बाहर आ सकता है। ऐसे में क्रिएटिविटी की तरफ हम बच्चों को जितना ज्यादा जोड़ेंगे और हमने ऐसे कुछ ना कुछ कार्यक्रमों की रचना को आदत बनानी चाहिए।"
'बचपन मरने नहीं देना चाहिए'
संवाद के आखिर में पीएम मोदी ने शिक्षा जगत और शिक्षकों की भूमिका को लेकर कहा, "मैं बात तो आप लोगों से कर रहा हूं, लेकिन एक प्रकार से मैं पूरे शिक्षा जगत से ये कहना चाहता हूं कि हमें बहुत पहले से ज्यादा किताबों से बाहर निकल कर के, सिलेबस से बाहर निकल कर के, बच्चों की जिंदगी में घुसना पड़ेगा। बचपन मरने नहीं देना चाहिए। बचपन बनाए रखने का सबसे बड़ा काम टीचर कर सकता है। टीचर का काम है कि उसके भीतर का बचपन बना रहे। साथियों, मेरी तरफ से आप सबको बहुत-बहुत बधाई है। बहुत शुभकामनाएं हैं।"