उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के पुवायां क्षेत्र में जलती चिता पर मीट पकाने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला गांव नत्थापुर का है, जहां अंतिम संस्कार के बाद चिता की आग पर कटोरे में मीट पकाने का आरोप है। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अंतिम संस्कार के बाद चिता के पास पकाया जा रहा था मीट
19 सितंबर को गांव नत्थापुर निवासी वीरपाल के पिता छोटेलाल का बीमारी के कारण निधन हुआ था। अगले दिन 20 सितंबर को दोपहर में गांव के पास उनका अंतिम संस्कार किया गया।
शाम को वीरपाल अपने परिजनों के साथ चिता देखने पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने वहां तीन लोगों को कटोरे में मीट पकाते हुए देखा। वीरपाल ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद लोग भागने लगे। पुलिस ने सुरेंद्र को मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद गांव के कई लोग थाने पहुंचे और मामले की तहरीर दी।
पुलिस ने रविवार रात नत्थापुर झंझटपुर निवासी रामचरन, राजेंद्र और सुरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। सोमवार को राजेंद्र और रामचरन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों ने कहा- गलती हो गई, तंत्र क्रिया नहीं कर रहे थे
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में कहा कि उनसे गलती हो गई। उन्होंने तंत्र विद्या जानने से इनकार किया और कहा कि किसी के कहने पर तंत्र क्रिया करने की कोशिश भी नहीं की गई थी।
तीनों आरोपी हवालात में हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दिए। परिजनों के मुताबिक, राजेंद्र का शराब पीने को लेकर पत्नी से विवाद चल रहा था और उसने दो दिनों से घर में खाना नहीं खाया था। इसी वजह से वह मीट लेकर आया और घर पर पकाने के बजाय श्मशान घाट चला गया।
एक किलो चिकन लेकर आया था राजेंद्र
आरोपी सुरेंद्र ने बताया कि राजेंद्र शराब के नशे में था और वही मुर्गे का एक किलो मीट लेकर आया था। उसके मुताबिक, चिता पूरी तरह जल चुकी थी, लेकिन आग बची हुई थी। इसी आग पर राजेंद्र कटोरे में मीट पकाने लगा।
सुरेंद्र ने बताया कि उसने राजेंद्र को ऐसा करने से मना किया था, लेकिन राजेंद्र ने कहा कि अब सिर्फ आग बची है और कोई दिक्कत नहीं है। शराब के नशे में होने के कारण राजेंद्र ने उसकी बात नहीं मानी।
रामचरन ने खुद को बताया मामले से अलग
आरोपी रामचरन ने पुलिस को बताया कि वह इस प्रकरण में शामिल नहीं था। उसका कहना है कि पकड़े गए युवक ने उसका नाम ले लिया, जिसके कारण उसका नाम मामले में दर्ज कर दिया गया।
वहीं, पुलिस ने राजेंद्र को सोमवार सुबह पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, उस समय भी वह शराब के नशे में था। थाने लाने के बाद वह हवालात में सोता रहा।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस के अनुसार, तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई कराई जा रही है।
