सुनील शेट्टी ने किस बात पर कहा गर्व के क्षण, यहां जानिए

सुनील शेट्टी ने किस बात पर कहा गर्व के क्षण, यहां जानिए
हाइलाइट्स :
सुनील शेट्टी ने तुलु को अपनी पहचान और जड़ों का हिस्सा बताया
कर्नाटक सरकार ने तुलु को दूसरी अतिरिक्त प्रशासनिक भाषा घोषित किया
दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में लागू होगा नया प्रावधान
डीके शिवकुमार ने इसे तुलु भाषा के लिए ऐतिहासिक मान्यता बताया

कर्नाटक सरकार की ओर से तुलु भाषा को राज्य की दूसरी अतिरिक्त प्रशासनिक भाषा का दर्जा दिए जाने के बाद अभिनेता सुनील शेट्टी ने इसे अपने लिए बेहद खास और भावनात्मक क्षण बताया है।

शेट्टी ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि तुलु सिर्फ वह भाषा नहीं है, जिसे वह बोलते हैं, बल्कि यह उनकी पहचान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भाषा में उनकी जड़ें, यादें, लोग और घर जुड़े हैं।
सुनील शेट्टी ने तुलु भाषा और संस्कृति को पीढ़ियों से सहेजकर रखने वाले लोगों को इस अवसर पर गर्व का क्षण बताया। उन्होंने तुलु समुदाय को बधाई देते हुए ‘तुलुवेरे सोल्मेलु’ कहा।

दक्षिण कन्नड़ और उडुपी में लागू होगा निर्णय

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर बताया कि राज्य मंत्रिमंडल की मंगलुरु में हुई बैठक में तुलु को दूसरी अतिरिक्त प्रशासनिक भाषा घोषित किया गया है। यह व्यवस्था दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में लागू होगी। उन्होंने कहा कि तुलु भाषी लोगों की दशकों पुरानी मांग को सरकार ने पूरा किया है।

शिवकुमार ने तुलु को दो हजार वर्ष से अधिक पुराने इतिहास वाली पंच द्रविड़ भाषाओं में से एक बताते हुए इस निर्णय को भाषा की महत्ता को मिली ऐतिहासिक मान्यता बताया। उन्होंने इस मान्यता के लिए लंबे समय से संघर्ष करने वाले लोगों को भी याद किया।

भाषा और संस्कृति से जुड़ी पहचान

सुनील शेट्टी की प्रतिक्रिया में तुलु भाषा से उनके व्यक्तिगत जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान की झलक दिखाई दी। उन्होंने कहा कि तुलु उनके लिए केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी जड़ों, स्मृतियों और अपनेपन से जुड़ी भाषा है। कर्नाटक सरकार के फैसले के बाद तुलु भाषा को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।