वाराणसी। गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर बृहस्पतिवार को भव्य गंगा जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत इस बार भी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
गंगोत्री सेवा समिति के तत्वावधान में कार्यक्रम की शुरुआत अपराह्न 5 बजे चित्तरंजन पार्क से भव्य चुनरी शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर कलश लेकर चल रही थीं, जबकि श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के साथ “गंगे जय जयकारे” के उद्घोष करते हुए आगे बढ़े।
यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई दशाश्वमेध घाट पहुंची। जहां पर विशेष आयोजन किया गया।
दशाश्वमेध घाट पर पहुंचने के बाद मां गंगा को चुनरी अर्पित की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजन-अर्चन किया गया। श्रद्धालुओं ने आरपार की माला चढ़ाकर मां गंगा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इसके साथ ही दीपदान का आयोजन हुआ, जिससे पूरा घाट भक्ति के प्रकाश से जगमगा उठा।
आयोजन के दूसरे चरण में गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें गंगा के महत्व और संरक्षण पर विचार व्यक्त किए गया l इस अवसर पर गंगा सेवा से जुड़े पांच गंगासेवियों को सम्मानित भी किया गया l पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। गंगा सप्तमी पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर काशी की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष किशोरी रमन दुबे बाबू महाराज, सचिव दिनेश शंकर दुबे, कन्हैया त्रिपाठी , शांतिलाल जैन, गंगेश्वरधर दुबे, गणेश दत्त शास्त्री, मनीष तुलसियान ,डॉ पवन शुक्ला , संदीप कुमार दुबे , संकठ प्रसाद एवं दिनेश सैनी मुख्य रूप से उपस्थित रहे |