एमपी में राजनीति गरम, विजयवर्गीय के बयान पर विवाद

एमपी में राजनीति गरम, विजयवर्गीय के बयान पर विवाद

मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष और आलोचकों पर निशाना साधते हुए एक बयान दिया जिसपर विवाद हो गया है।

विजयवर्गीय ने कहा कि जो लोग उन्हें और उनकी सरकार को ‘काफिर’ कहते हैं, उन्हें सरकार द्वारा बनाई गई सड़कों पर नहीं चलना चाहिए और सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं लेना चाहिए।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में एक भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को पूरी प्रतिबद्धता से लागू किया जा रहा है। राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं का लाभ किसी की जाति या धर्म देखकर नहीं दिया जाता।

'हिंदू-मुस्लिम दोनों को मिला विकास का लाभ'

विजयवर्गीय ने कहा कि जहां भी विकास कार्य हुए हैं, वहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग रहते हैं। सरकार ने कभी भेदभाव नहीं किया। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे तो केवल अपने परिवारों का विकास करते थे, जबकि भाजपा सरकार 25 करोड़ जनता को परिवार मानकर काम कर रही है।

'जनता वोट दे या न दे, सेवा जारी रहेगी'

मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता चाहे वोट दे या न दे, सरकार सभी के लिए विकास कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें काफिर कहते हैं, लेकिन विकास की योजनाओं का फायदा उठाने से पीछे नहीं हटते। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

कैलाश के बयान पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने इसे सांप्रदायिक बताया है, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे विकास कार्यों की उपलब्धियों को रेखांकित करने वाला बयान करार दिया है। मंत्री के बयान ने एक बार फिर मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। विपक्षी दलों ने इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश बताया है, जबकि सत्ताधारी दल इसे विपक्ष की नकारात्मक राजनीति का जवाब मान रहा है।