पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के जरिए संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की माताओं और बहनों के प्रति आभार जताया और कहा कि महिलाओं से मिलने वाला स्नेह, विश्वास और अपनापन उनके लिए बड़ी शक्ति है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अन्नपूर्णा योजना के तहत राज्य की करीब डेढ़ करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में चौथी किस्त की राशि पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि इस आर्थिक सहायता से महिलाओं को रोजमर्रा की जरूरतों और घरेलू जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद मिल रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने लोगों को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं भी दीं।
अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने ₹3000 की मदद
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परिवार की देखभाल और रोजमर्रा के फैसलों में माताओं और बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जरूरी खर्चों की चिंता कम होने से महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
उन्होंने अन्नपूर्णा योजना को महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का प्रयास बताया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, योजना के तहत हर महीने निश्चित राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ₹3000 की राशि किसी मां के बच्चे की पढ़ाई, किसी बहन की दवा या परिवार की दूसरी जरूरी वस्तुओं की खरीद में काम आ सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक संसाधनों के साथ निर्णय लेने की ताकत और आगे बढ़ने का हौसला देना चाहती है।
‘कोई कटमनी नहीं, कोई बिचौलिया नहीं’
प्रधानमंत्री ने कहा कि 4 मई को बंगाल ने परिवर्तन का नया रास्ता चुना और इसमें राज्य की माताओं-बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने लंबे समय तक कई कठिनाइयों का सामना किया और सुविधाओं के लिए इंतजार किया।
प्रधानमंत्री के अनुसार, महिलाओं का जीवन आसान बनाना और उनका ‘ईज ऑफ लिविंग’ बढ़ाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता रही है। उन्होंने दावा किया कि अन्नपूर्णा योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं के खातों में सीधे राशि पहुंच रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “कोई कटमनी नहीं, कोई बिचौलिया नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
महिलाओं से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं से जुड़ी केंद्र सरकार की कई योजनाओं का उल्लेख किया। इनमें गर्भावस्था के दौरान पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्कूलों में शौचालय निर्माण और सुकन्या समृद्धि योजना शामिल हैं।
इसके अलावा उन्होंने मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी ऋण, महिलाओं के लिए बढ़े मातृत्व अवकाश, स्वयं सहायता समूहों को सहायता, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, सौभाग्य योजना, आयुष्मान कार्ड और जनधन खातों का भी जिक्र किया।
पीएम आवास योजना में महिलाओं की संयुक्त भागीदारी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे संपत्ति में महिलाओं का अधिकार मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
रुकी केंद्रीय योजनाओं को गति देने का दावा
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र की कई योजनाओं का लाभ पश्चिम बंगाल में समय पर नहीं पहुंच पाया और इसका नुकसान गरीब परिवारों को हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद रुकी हुई योजनाओं को गति दी गई है।
पीएम आवास योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में 50 लाख से अधिक नए गरीब परिवारों की पहचान की गई है, जिन्हें पक्के घर दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने राज्य में पीएम विश्वकर्मा योजना के लागू होने के साथ लंबित योजनाओं और अटकी परियोजनाओं को गति देने का भी उल्लेख किया।
संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने ‘आमरा एक शंगे गड़बो नूतन बंगला’ यानी ‘हम सब मिलकर नया बंगाल बनाएंगे’ का संदेश दिया।
विकसित बंगाल से विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने विकसित भारत का संकल्प लिया है और बंगाल की माताएं-बहनें विकास की इस यात्रा को नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि विकसित बंगाल की क्षमता से विकसित भारत का संकल्प और मजबूत होगा।
अन्नपूर्णा दिवस और विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं के स्नेह और आशीर्वाद को सेवा की निरंतर प्रेरणा बताया।