पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हिंसा, झड़प और अव्यवस्था की घटनाएं सामने आई हैं। जहां एक ओर बड़ी संख्या में मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंचे, वहीं दूसरी ओर कई जिलों से तनावपूर्ण माहौल और टकराव की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है।
मुर्शिदाबाद जिले के नौदा क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक उम्मीदवार हुमायूं कबीर के काफिले पर हमला किया गया। आरोप है कि कुछ उपद्रवियों ने उनकी गाड़ी पर ईंट और लाठियों से हमला किया। इस दौरान दो राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प भी हुई। घटना के बाद उम्मीदवार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
कूचबिहार जिले के तूफानगंज इलाके में मतदान के दौरान भारी भीड़ इकट्ठा होने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात बिगड़ते देख केंद्रीय सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। जवानों ने लाठीचार्ज कर भीड़ को नियंत्रित किया और मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने की कोशिश की। आरोप लगाए गए कि कुछ असामाजिक तत्व मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे।
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज क्षेत्र से भी हिंसा की खबर सामने आई, जहां एक उम्मीदवार पर कथित रूप से हमला किया गया। बताया गया कि उन्हें एक बूथ पर गड़बड़ी की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे वहां पहुंचे, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इस घटना ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया।
मालदा जिले में ईवीएम खराब होने की शिकायत के बाद मतदाताओं का गुस्सा फूट पड़ा। एक मतदान केंद्र पर अधिकारियों के देर से पहुंचने पर लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। वहीं हरिश्चंद्रपुर क्षेत्र में एक ही पार्टी के दो गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि एक चुनावी कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी गई। इससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।
सिलीगुड़ी में भी मतदान के दौरान दो प्रमुख दलों के कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। हालांकि, मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और मतदान को फिर से शुरू कराया।
इसके अलावा कुछ नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों से लोगों को वोटिंग के लिए लाया गया है। वहीं जामुड़िया क्षेत्र में एक गाड़ी में ईवीएम मिलने का दावा भी किया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुल मिलाकर, पहले चरण का मतदान जहां उत्साह के साथ संपन्न हुआ, वहीं कई जगहों पर हिंसा और विवाद ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया। प्रशासन और चुनाव आयोग आगे के चरणों को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए सतर्क नजर आ रहे हैं।