यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने के मामले में यात्रियों की शिकायत से कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। यात्री सुनील कुमार के मुताबिक, बस के ड्राइवर कैबिन की तरफ से जलने जैसी बदबू आने पर यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी थी। आरोप है कि इसके बावजूद बस नहीं रोकी गई। कुछ देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से आग की लपटें निकलने लगीं और देखते ही देखते बस में धुआं फैल गया। हादसे में नौ यात्रियों की मौत हो गई।
मामले में ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिकायत में दोनों पर लापरवाही से बस चलाने और यात्रियों की ओर से आग या जलने जैसी बदबू की जानकारी दिए जाने के बावजूद बस नहीं रोकने का आरोप लगाया गया है।
दिल्ली से राठ जा रहे थे 30-35 यात्री
मोहाल खुशीपुरा, थाना राठ, जिला हमीरपुर निवासी सुनील कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बुधवार रात दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रेवल्स की बस संख्या BR32PA8647 में सवार हुए थे। बस में करीब 30-35 यात्री मौजूद थे।
शिकायत के मुताबिक, रात करीब 11:30 बजे बस नोएडा से आगरा जाने वाले मार्ग पर यमुना एक्सप्रेसवे के 33 किलोमीटर के पास पहुंची। इसी दौरान ड्राइवर कैबिन की ओर से जलने जैसी बदबू आने लगी।
यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को दी थी जानकारी
सुनील कुमार के मुताबिक, कुछ यात्रियों ने बस में आ रही जलने की बदबू के बारे में ड्राइवर और कंडक्टर को बताया था। आरोप है कि ड्राइवर ने इसे सामान्य बात बताते हुए कहा कि बस में इस तरह जलने की बदबू आती रहती है।
शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद भी बस को रोककर जांच नहीं की गई। साथ ही ड्राइवर और कंडक्टर के कैबिन में बीड़ी या सिगरेट पीने का भी आरोप लगाया गया है।
यात्रियों को धमकाने का भी आरोप
सुनील ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उस समय ड्राइवर और कंडक्टर आपस में हंस रहे थे और यात्रियों से कह रहे थे, “मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे।”
इसके कुछ ही समय बाद ड्राइवर की सीट के पास से तेज आग की लपटें निकलने लगीं। यात्रियों ने शोर मचाकर बस रोकने के लिए कहा, लेकिन तब तक आग तेजी से फैलने लगी और बस के अंदर धुआं भर गया।
आग और धुएं के बीच बस में फंसे यात्री
बस रुकने के बाद सुनील कुमार और अन्य यात्रियों ने बाहर निकलने की कोशिश की। सुनील समेत कई यात्री किसी तरह बस से बाहर निकल गए, लेकिन कुछ लोग आग और धुएं की वजह से बस के अंदर ही फंस गए।
हादसे में कई यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए कैलाश अस्पताल, जेवर ले जाया गया।
अस्पताल में नौ यात्रियों को मृत घोषित किया गया
सुनील कुमार के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि नौ यात्रियों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया है।
घटना के संबंध में सुनील ने जेवर थाने में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
शिकायत में दोनों पर बस चलाने में लापरवाही बरतने और यात्रियों की ओर से जलने जैसी बदबू की जानकारी दिए जाने के बावजूद बस नहीं रोकने का आरोप लगाया गया है।