Amarnath Yatra 2026: कब से शुरू, कैसे करें रजिस्ट्रेशन और क्या हैं जरूरी नियम?

Authored By: News Corridors Desk | 13 Apr 2026, 06:41 PM
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भारत की आस्था से जुड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलने वाली है. करीब 38 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में हर साल हजारों श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन करते हैं. इस यात्रा का आयोजन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा किया जाता है, जिसमें नियमों का सख्ती से पालन करना होता है. अब चलिए आपको बताते हैं कि अगर आप इस बार अमरनाथ यात्रा का प्लान कर रहे हैं, तो आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए... क्योंकि अमरनाथ यात्रा सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, धैर्य और श्रद्धा की एक कठिन परीक्षा है। हर साल हजारों श्रद्धालु इस पवित्र गुफा तक पहुंचकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं, लेकिन यह यात्रा उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी होती है। इसलिए अगर आप इस बार यात्रा का प्लान कर रहे हैं, तो नियमों का पालन, सही रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य जांच और पूरी तैयारी बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही आपकी यात्रा को मुश्किल बना सकती है, जबकि सही तैयारी इसे सुरक्षित और यादगार बना सकती है। आस्था के इस मार्ग पर कदम बढ़ाने से पहले पूरी जानकारी और सतर्कता ही आपकी सबसे बड़ी ताकत होगी। तभी आपकी यह यात्रा सच में सफल और मंगलमय बन पाएगी। 

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को समझिए

अगर आप इस यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे जरूरी है आपका रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसानी से समझना. इस साल यात्रा का रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल 2026 से शुरू होगा और यह दो तरीकों से किया जा सकता है ऑनलाइन और ऑफलाइन. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप के जरिए आवेदन किया जा सकेगा, जहां मोबाइल नंबर और ईमेल के जरिए सत्यापन जरूरी होगा. इसके साथ ही 8 अप्रैल 2026 के बाद बना अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करना होगा. 

जो श्रद्धालु ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करना चाहते हैं, वे अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर आवेदन कर सकते हैं. यहां प्रक्रिया पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी. आवेदन के समय स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड की जरूरत होगी. बैंक में बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जाएगा और प्रति व्यक्ति 150 रुपये का शुल्क देना होगा. 

यात्रा के दौरान एक और जरूरी नियम RFID कार्ड से जुड़ा है. रजिस्ट्रेशन के बाद हर यात्री को यह कार्ड जम्मू-कश्मीर में निर्धारित केंद्रों से लेना होगा. बिना इस कार्ड के डोमैल या चंदनवाड़ी जैसे प्रवेश बिंदुओं से आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी. इसलिए इसे समय रहते लेना बेहद जरूरी होगा. यात्रा में शामिल होने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें भी तय की गई हैं. 13 से 70 वर्ष के बीच के लोग ही इस यात्रा के लिए आवेदन कर सकते हैं. गर्भवती महिलाओं को, खासकर छह हफ्ते से अधिक गर्भावस्था होने पर, यात्रा की अनुमति नहीं होती है. इसके साथ ही सभी यात्रियों के पास अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र होना अनिवार्य होता है.

यात्रा करने के लिए मार्ग का विकल्प

यात्रा के लिए दो मुख्य रास्ते हैं पहलगाम और बालटाल. पहलगाम का रास्ता पारंपरिक और लंबा है, जो करीब 46 किलोमीटर  है, जबकि बालटाल का रास्ता छोटा है, करीब 14 किलोमीटर लेकिन थोड़ा कठिन भी है. जिन लोगों के लिए पैदल चलना मुश्किल है, उनके लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रहती है. यात्रा के दौरान सुरक्षा और मौसम को लेकर विशेष सावधानी बरतना जरूरी होता है. ऊंचाई और ठंडे मौसम को देखते हुए तैयारी और सही कपड़े रखना आपके लिए बेहद जरूरी हो जाता है.