नोएडा–फरीदाबाद में मजदूरों का गुस्सा फूटा, New Labour Code में क्या बदला?

Authored By: News Corridors Desk | 13 Apr 2026, 03:49 PM
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दिल्ली से सटे औद्योगिक इलाकों नोएडा और फरीदाबाद में हाल के दिनों में फैक्ट्रियों के कर्मचारियों के प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। इन प्रदर्शनों का मुख्य कारण वेतन, काम की स्थिति और श्रमिक अधिकारों को लेकर असंतोष बताया जा रहा है। इस बीच देश में लागू नए लेबर कोड (New Labour Codes) को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। आइए समझते हैं कि यह नया कानून श्रमिकों के लिए क्या बदलाव लेकर आया है और यह क्यों महत्वपूर्ण है।

मजदूरों का प्रदर्शन क्यों हो रहा है?

नोएडा और फरीदाबाद की कई छोटी-बड़ी फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों ने पिछले कुछ दिनों में विरोध प्रदर्शन किया है। दरअसल, ये आंदोलन एक तरह से कंपनी मालिकों और श्रम विभाग की अनदेखी के खिलाफ बढ़ते रोष के कारण शुरू हुआ है. जब श्रम कानून में श्रमिकों को लेकर एक-एक बातें लिखी हैं, लेकिन प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सैलरी के नाम पर महीने में सिर्फ 10-12 हजार रुपये मिलते हैं, जबकि कंपनी सरकारी जांच के दौरान उस सैलरी को 25 हजार रुपये तक दिखाती है.

प्रमुख शिकायतें:

  • समय पर या पर्याप्त वेतन न मिलना
  • काम की शर्तों में पारदर्शिता की कमी
  • लिखित नौकरी अनुबंध का अभाव
  • ओवरटाइम और काम के घंटों को लेकर विवाद

 

नया लेबर कोड क्या है?

भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करना और नियमों को सरल बनाना है।

नौकरी का लिखित प्रमाण अनिवार्य

अब किसी भी कर्मचारी को नौकरी पर रखने के बाद अपॉइंटमेंट लेटर (Appointment Letter) देना जरूरी है।

इसका फायदा:

  • नौकरी का कानूनी सबूत मिलेगा
  • विवाद की स्थिति में सुरक्षा
  • “समान काम, समान वेतन” को बढ़ावा

 

समय पर वेतन का नियम

नए नियमों के अनुसार कंपनियों को वेतन तय समय सीमा में देना होगा।

मुख्य प्रावधान:

  • आमतौर पर हर महीने के बाद तय समय (लगभग 7 दिन के भीतर) में भुगतान
  • सभी श्रमिकों पर लागू: फुल टाइम, कॉन्ट्रैक्ट और दिहाड़ी मजदूर
  • वेतन में देरी पर कानूनी कार्रवाई संभव

 

काम के घंटे और ओवरटाइम


नए नियम:

  • काम के घंटे राज्य नियमों के अनुसार निर्धारित (आमतौर पर 8–12 घंटे के बीच)
  • साप्ताहिक छुट्टी अनिवार्य
  • अतिरिक्त काम पर ओवरटाइम भुगतान

ओवरटाइम नियम:

सामान्य घंटे की तुलना में दोगुना भुगतान

सामाजिक सुरक्षा का विस्तार

अब छोटे और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भी लाभ मिलने की दिशा में बदलाव किया गया है।

शामिल सुविधाएं:

  • ESIC (स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त इलाज)
  • PF (भविष्य निधि / रिटायरमेंट सुरक्षा)
  • आर्थिक सुरक्षा का विस्तार

 

महिलाओं के लिए समान अवसर और सुरक्षा

नए लेबर कोड में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रमुख प्रावधान:

  • नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति (सुरक्षा के साथ)
  • सुरक्षित परिवहन और कार्यस्थल अनिवार्य
  • समान वेतन का नियम
  • कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना कंपनी की जिम्मेदारी


नोएडा और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की समस्याएं लंबे समय से चर्चा में रही हैं। नए लेबर कोड का उद्देश्य इन्हीं समस्याओं को कम करना और श्रमिकों को अधिक कानूनी सुरक्षा देना है। हालांकि, असली चुनौती इसके सही और प्रभावी क्रियान्वयन की है। जब तक नियम जमीन पर पूरी तरह लागू नहीं होंगे, तब तक मजदूरों की समस्याओं का समाधान अधूरा रह सकता है।