TMC यूनियन ऑफिस पर बुलडोजर, BJP पर गंभीर आरोप

Date: 2026-05-06
news-banner

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के मशहूर हॉग मार्केट (न्यू मार्केट) के पास मंगलवार रात अचानक बड़ा बवाल हो गया। आरोप है कि एक भीड़ बुलडोजर लेकर पहुंची और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के न्यू मार्केट यूनियन दफ्तर को पूरी तरह तोड़ दिया। TMC नेताओं का कहना है कि यह घटना भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के जुलूस के दौरान हुई और पुलिस की मौजूदगी में इस तोड़फोड़ को अंजाम दिया गया। इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया।

TMC के आरोप और घटना के दृश्य
इस पूरे मामले में TMC नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग बुलडोजर के साथ आए और उन्होंने यूनियन दफ्तर को गिरा दिया। उनके मुताबिक, मौके पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी बुलडोजर से ढांचे को गिराते हुए देखा जा सकता है। TMC का दावा है कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया, जिससे पार्टी को नुकसान पहुंचाया जा सके।

स्थानीय लोगों और दुकानदारों का दावा
हालांकि, इस मामले में स्थानीय लोगों और दुकानदारों की राय TMC से बिल्कुल अलग है। उन्होंने पार्टी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो ढांचा तोड़ा गया, वह असल में एक गैरकानूनी कब्जा था। उनके अनुसार, पहले यह जगह किसी दुकानदार की थी, जिसे जबरदस्ती छीन लिया गया था और बाद में वहां TMC का यूनियन दफ्तर बना दिया गया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इसे ‘मांस की दुकान’ बताना गलत है, क्योंकि असली मांस और मछली बाजार उस ढांचे के पास ही मौजूद है, लेकिन जो तोड़ा गया वह एक अवैध निर्माण था।

हॉग मार्केट का महत्व और संवेदनशील माहौल
हॉग मार्केट, जिसे न्यू मार्केट के नाम से भी जाना जाता है, कोलकाता का एक बहुत पुराना और प्रसिद्ध बाजार है। यह शहर की पहचान का अहम हिस्सा है, जहां रोज हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं। इस क्षेत्र का ऐतिहासिक और व्यावसायिक महत्व बहुत ज्यादा है। पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान और उसके बाद हिंसा और टकराव की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर माहौल को संवेदनशील बना दिया है और प्रशासन के लिए चुनौती खड़ी कर दी है।

चुनाव आयोग की सख्ती और सुरक्षा के निर्देश
इस घटना के बाद निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ निर्देश दिए हैं कि पश्चिम बंगाल में किसी भी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने को कहा है, जिसके तहत हिंसा फैलाने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और अन्य अधिकारियों को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

Leave Your Comments