वायरल गर्ल ने बयां किया दर्द

वायरल गर्ल ने बयां किया दर्द

प्रदर्शनकारियों से मिले राहुल गांधी

प्रदर्शनकारियों ने मीडिया के सामने रखी बात

ट्रोलिंग और धमकियों से बताई परेशानी

जुलाई छात्र आंदोलन में हिस्सा लेने वाले प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को काँग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाक़ात की। मुलाक़ात के बाद इन लोगों ने अपनी बात रखी जिनमें मुंबई आंदोलन की वायरल गर्ल रिया अहीर भी शामिल थीं।

मुंबई पुलिस की वैन के आगे खड़े होकर उसे बढ़ने से रोकने वाली रिया अहीर ने सोशल मीडिया पर ट्रोल किये जाने को लेकर कहा, मैं कहना चाहूंगी कि मैं वो लड़की हूं जिसने 20 बच्चों को गैरकानूनी हिरासत से रोका। कृपया अपना नैरेटिव narrative बदलिए। जो भी मैंने किया उसकी वजह से मुझे हैरस किया जा रहा है। ट्रोलिंग नहीं बोलूंगी मैं क्योंकि यह ट्रोलिंग नहीं है, यह क्राइम है। ‘

रिया ने कहा, ’27 को मैंने क्राइम रजिस्टर करवाया था आज पाँच तारीख़ है मेरे हाथ में अभी FIR नहीं आया है।’

राहुल गांधी से मिलने वाली कथित पैलेट गन की शिकार झारखंड की नूतन टोप्पो ने कहा,’पैलेट गन उनकी तरफ़ थी जब मैं मुड़ी तब मुझे गन फ़ायर किया गया। मुझे अच्छे से पता है कि मुझे फ़ायर से ही लगी है।’

उत्तर प्रदेश की फरहा नाज ने कहा ,’पहले मुझे मारने के बाद इन लोगों ने मुझे बस में बिठाया। तीन घंटे तक रख, फिर बोलते हैं कि इनकी लिस्ट अलग बनाई जायेगी क्योंकि ये लोग देशद्रोही हैं।’

नागपुर से आये भरत ने कहा ,’ ऐसा दिन मैंने अपनी जिन्दगी में कभी नहीं देखा। यह मेरी जिन्दगी का ब्लैक डे था।’

मुस्कान ने कहा,’मैं दिल्ली जंतर मंतर की शांति से प्रदर्शन करने वालों में एक थी, मेरा सवाल बस इतना है कि जब मैं शांति से चल रही थी तो पुलिस ने मारा क्यों। लाठी क्यों बजाई। एक आरएएफ ऑफ़िसर ने मेरे पृष्ठभाग में डंडा लगाने का प्रयास क्यों किया। ‘

राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों को लेकर कहा, "यहां आना उनके लिए हिम्मत का काम है। उनके लिए यहां आना आसान नहीं है। वे उत्पीड़न, हिंसा और यातना का सामना कर रहे हैं। मुझे बहुत गर्व है कि उनमें इतनी अच्छी तरह और खूबसूरती से अपनी बात कहने की हिम्मत है। देश को ऐसे ही युवाओं की ज़रूरत है।

प्रदर्शनकारियों की बात खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने कहा, "ये युवा हैं जो यहां भारत की प्रेस के सामने खड़े हैं। लेकिन अमित शाह और प्रधानमंत्री में यहां खड़े होने की हिम्मत नहीं है।"

इससे पहले राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘उनमें संसद में आने की भी शालीनता नहीं है, और जो हुआ है उस पर टिप्पणी करने की भी शालीनता या हिम्मत नहीं है। इसके केवल दो ही कारण हो सकते हैं: एक, उन्हें पता नहीं था कि बच्चों पर यह हिंसा हो रही थी, ऐसी स्थिति में वे अक्षम हैं। दूसरा, उन्होंने ही पैलेट गन चलाने और इन बच्चों पर हिंसा करने का आदेश दिया था। इसका मतलब है कि वे दोषी हैं। किसी भी स्थिति में, वे ही ज़िम्मेदार हैं।"