उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और अखिलेश यादव की सियासी तनातनी सीमा को तोड़ती दिखाई दे रही है।
राजभर पिछले कई दिनों से समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को सार्वजनिक पत्र लिखकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने एक ऐसा ही पत्र सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर शेयर कर आरोप लगाया कि अखिलेश यादव कार्यकर्ताओं के साथ फोटो खिंचवाने और हाथ मिलाने के लिए पैसा लेते हैं।
अपने पत्र में राजभर ने कहा, ‘कार्यकर्ताओं के खून पसीने की कमाई को क्यों चूस रहे हैं आप? अगर आप ख़ुद ये वसूली करवा रहे तो क्या ही कहें लेकिन अगर आपके घेरे वाले ये कर रहे हैं तो कुछ कीजिए महाराज।’
राजभर ने ये पूरा पत्र सपा कार्यकर्ताओं का हवाला देते हुए लिखा है जिसमें कहा गया है कि सपा के कार्यकर्ता उनके पास ये शिकायत लेकर आते हैं कि ‘“भैया” से मिलने जाने पर उनके “घेरे” के लोग हमसे वसूली करते हैं। कहते हैं कि भैया से फोटो खिंचवाने का ₹5000, हाथ मिलवाने का ₹8000-₹10,000 तक और मिलवाने का तो हिसाब किताब ही नहीं है।’
राजभर ने अखिलेश यादव की सम्पत्ति नौ सौ गुना बढ़ने का भी दावा किया और सवाल उठाया कि ‘फिर ये ‘एक्स्ट्रा इनकम’ का जुगाड़ क्यों? ‘
SBSP के नेता ने यह पत्र लिखने का अपना मंतव्य बताते हुए लिखा, ‘दो वजह से हमें आना पड़ा। एक तो आप हमें भले दुश्मन समझें लेकिन हम आपको अपना मित्र मानते हैं। दूसरा आपके प्रशंसक, आपके कार्यकर्ता अपना दर्द मुझसे कहते हुए बोले कि मंत्री जी, आप इसको कह दीजिए तो शायद हमारा भला हो जाये।’
राजभर ने इस सोशल मीडिया में सपा नेता को सलाह देते हुए कहा, ‘मित्र के रूप में आपको समझा रहा हूं। अपनी मीटिंग का सौदा बंद करवाइए मित्र, वरना बहुत महंगा पड़ सकता है।’