अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की एक बड़ी बैठक शुक्रवार को कर्नाटक के बेलगावी में शुरू हुई। इस बैठक से निकलने वाले संदेश पर न सिर्फ हिन्दुवादियों की निगाहें टिकी हैं बल्कि विरोधी भी इस पर नज़र गड़ाये हुए हैं।
चूंकि साल में एक बार होने वाली संघ की इस तरह की बैठक में संगठन की रीति नीति के साथ ही उसके आने वाले कार्यक्रम भी तय किये जाते हैं। लिहाजा संगठन के पदाधिकरियों के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण है।
इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए संघ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बैठक में सरसंघचालक डा. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख, सह प्रमुख, कार्यकारिणी सदस्य, क्षेत्र प्रचारक, सह क्षेत्र प्रचारक तथा सभी 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक, सह प्रचारक और संघ प्रेरित विविध संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री उपस्थित हैं।
इसमें आगे जानकारी दी गई कि बैठक में मार्च 2026 के बाद संघ के विभिन्न स्तरों पर संपन्न हुए प्रशिक्षण वर्गों का वृत्तांत और शाखाओं के स्तर पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन की दृष्टि से विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक में संघ शताब्दी निमित्त हुए शाखा कार्य विस्तार की समीक्षा तथा आगामी अधिकतम शाखा विस्तार योजना पर भी चर्चा होगी। साथ में शताब्दी वर्ष के संपन्न हुए कार्यक्रमों की समीक्षा तथा निर्धारित शेष कार्यक्रमों की योजना, सरसंघचालक की वर्ष 2026-27 की प्रवास योजना जैसे विषयों पर चर्चा की जायेगी।
संघ शताब्दी वर्ष (2025-26) के शेष कार्यक्रम आगामी विजयादशमी अर्थात 20 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे।