The untold story of Rajpal Yadav : राजपाल यादव ने क्यों ली 15 बच्चों की जिम्मेदारी?

Authored By: News Corridors Desk | 22 Feb 2026, 02:44 PM
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राजपाल यादव की जिंदगी इस कहावत को सच साबित करती है कि हर सफल व्यक्ति के पीछे किसी खास इंसान का साथ जरूर होता है। अपने अभिनय से लोगों को हंसाने वाले राजपाल यादव की निजी जिंदगी संघर्ष, जिम्मेदारी और परिवार के प्रति समर्पण की मिसाल है।

राजपाल यादव की पहली शादी साल 1991 में करुणा से हुई थी। शादी के एक साल बाद बेटी के जन्म के दौरान करुणा का निधन हो गया। इस हादसे ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था। पत्नी को खोने का दुख उनके लिए बहुत बड़ा झटका था और इस सदमे से उबरने में उन्हें काफी समय लगा। पहली पत्नी से उनकी एक बेटी है।कुछ साल बाद उन्होंने जिंदगी को दूसरा मौका दिया और साल 2003 में राधा से शादी की। राधा हर मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी रहीं। फिल्मी करियर के उतार-चढ़ाव हों या निजी जीवन की परेशानियां, राधा ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। राजपाल यादव और राधा की दो बेटियां हैं। इस तरह राजपाल यादव तीन बेटियों के पिता हैं।

हालांकि, उनकी जिम्मेदारी सिर्फ तीन बेटियों तक सीमित नहीं है। वह अपने परिवार के 15 बच्चों की परवरिश में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये बच्चे उनके भाइयों के हैं। राजपाल यादव के पांच भाई हैं और उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी को अपना कर्तव्य मानते हुए इन बच्चों का साथ देने का फैसला किया। सभी बच्चे उन्हें “पापा” कहकर बुलाते हैं, जबकि उनकी पत्नी राधा को “राधा भाभी” कहा जाता है। राधा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और भविष्य की योजना पर खास ध्यान देती हैं।एक इंटरव्यू में राजपाल यादव ने बताया था कि उनके भाइयों ने संघर्ष के दिनों में हमेशा उनका साथ दिया। जब वह आर्थिक रूप से सक्षम हुए तो उन्होंने भी परिवार का सहारा बनने का फैसला किया। परिवार के बच्चों में कोई लॉ की पढ़ाई कर रहा है, कोई क्रिकेट में करियर बना रहा है, तो कोई एक्टिंग सीख रहा है। इस तरह पूरा परिवार एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है।

जहां एक ओर उनका पारिवारिक जीवन मजबूत रहा, वहीं करियर और कानूनी मामलों में उन्हें चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। साल 2010 में उन्होंने फिल्म “अता पता लापता” बनाने के लिए कारोबारी माधव अग्रवाल से करीब 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और आर्थिक नुकसान हुआ। कर्ज न चुका पाने के कारण मामला अदालत तक पहुंच गया। बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिली। यह दौर उनके लिए कठिन रहा, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों का सामना किया।फिल्मी करियर की बात करें तो राजपाल यादव ने साल 1999 में फिल्म “दिल क्या करे” से शुरुआत की। इसके बाद वह “शूल”, “जंगल”, “प्यार तूने क्या किया” और “चांदनी बार” जैसी फिल्मों में नजर आए। फिल्म “जंगल” में उनके अभिनय को खास सराहना मिली। कॉमेडी भूमिकाओं में उन्होंने अलग पहचान बनाई और दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुए। हाल के वर्षों में वह “भूल भुलैया 3” जैसी फिल्मों में भी दिखाई दिए हैं।

राजपाल यादव की जिंदगी सिर्फ एक सफल अभिनेता की कहानी नहीं है, बल्कि परिवार, जिम्मेदारी और संघर्ष की भी कहानी है। उन्होंने निजी दुखों को सहा, करियर में उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन परिवार के प्रति अपने कर्तव्य को हमेशा प्राथमिकता दी। यही वजह है कि आज वह सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार परिवार प्रमुख के रूप में भी सम्मानित हैं।