देशभर में दहशत फैलाने वाले एक बड़े मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 1100 से अधिक अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोप में श्रीनिवास लुईस को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे कर्नाटक से पकड़ा।
कौन है आरोपी?
श्रीनिवास लुईस की प्रोफाइल आम अपराधियों से काफी अलग है:
पोस्टग्रेजुएट डिग्री धारक
UGC-NET क्वालिफाई
पूर्व में असिस्टेंट प्रोफेसर
फिलहाल बेरोजगार
मैसूरु में मां के साथ रह रहा था
उसकी मां एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं
क्यों भेजे धमकी भरे ई-मेल?
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पारिवारिक जमीन विवाद और न्याय न मिलने से काफी नाराज था। उसके पिता को कथित तौर पर संपत्ति में हिस्सा नहीं मिला, इसी वजह से न्यायिक प्रणाली के प्रति गहरा आक्रोश था। पुलिस के अनुसार, इसी गुस्से में उसने बार-बार अदालतों को फर्जी धमकियां भेजीं।
कैसे देता था एजेंसियों को चकमा?
श्रीनिवास लुईस तकनीकी रूप से काफी समझदार था: IP एड्रेस छिपाने के लिए कई तरीके अपनाए, बार-बार नाम और लोकेशन बदलता था, मोबाइल डिवाइस से ई-मेल भेजता था, अंग्रेजी और कन्नड़ दोनों भाषाओं का इस्तेमाल। वह एक ही दिन में कई संस्थानों को निशाना बनाकर लगातार ई-मेल भेजता था, जिससे जांच एजेंसियों को ट्रैक करने में समय लगा।
भारत ही नहीं, पाकिस्तान भी निशाने पर
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने भारत के अलावा पाकिस्तान के कुछ शहरों को भी धमकी भरे ई-मेल भेजे। उसने विभिन्न हाईकोर्ट, पुलिस संस्थान, शैक्षणिक संस्थान को जानबूझकर निशाना बनाया, ताकि ज्यादा से ज्यादा दहशत फैलाई जा सके।
जांच जारी, डिजिटल सबूत खंगाल रही पुलिस
दिल्ली पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। उसे आगे की जांच के लिए मैसूरु भी ले जाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद और बड़े खुलासे हो सकते हैं। शुरुआती जांच में आरोपी के मानसिक तनाव में होने की भी आशंका जताई गई है।
यह मामला दिखाता है कि तकनीकी जानकारी रखने वाला एक व्यक्ति किस तरह बड़े स्तर पर अफवाह और दहशत फैला सकता है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से आरोपी को आखिरकार पकड़ लिया गया। जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।