पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। चुनाव से पहले दोनों ही पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं और बड़े-बड़े नेताओं के दौरे तेज हो गए हैं। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के नामांकन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह आगामी 15 दिनों तक लगातार पश्चिम बंगाल में ही रहेंगे और चुनावी अभियान की कमान संभालेंगे।
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह खासतौर पर शुभेंदु अधिकारी के समर्थन में नंदीग्राम आए हैं। उन्होंने कहा कि शुभेंदु की जीत केवल एक सीट की जीत नहीं होगी, बल्कि यह पूरे बंगाल में बदलाव की शुरुआत होगी। भाजपा इस चुनाव को सत्ता परिवर्तन के रूप में देख रही है और उसी के अनुसार रणनीति बना रही है। इस दौरान अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली बार ममता बनर्जी नंदीग्राम में हार चुकी हैं और इस बार वह सिर्फ एक सीट ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में हार का सामना करेंगी। उन्होंने दावा किया कि नंदीग्राम की जनता इस बार फिर इतिहास दोहराएगी और टीएमसी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
अमित शाह ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उन्होंने पूरे पश्चिम बंगाल का दौरा किया है और हर जगह जनता बदलाव चाहती है। उनके अनुसार, लोगों में यह भावना है कि अब राज्य में नई सरकार आनी चाहिए और वर्तमान सरकार को विदा कर देना चाहिए। गृह मंत्री ने राज्य की कई समस्याओं का जिक्र करते हुए टीएमसी सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ‘टोलबाजी’ और गुंडागर्दी से परेशान है। इसके अलावा उन्होंने राज्य में होने वाले बम धमाकों और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने बेरोजगारी को भी एक बड़ा मुद्दा बताया और कहा कि राज्य के युवा नौकरी के लिए परेशान हैं। अमित शाह ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इन समस्याओं को हल करने में विफल रही है। इसके साथ ही उन्होंने घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य में अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे जनसंख्या संतुलन प्रभावित हो रहा है।
अमित शाह ने जनता, खासकर युवाओं से वादा किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य में विकास की नई लहर लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी को कम किया जाएगा और उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी और रणनीति दोनों तेज हो गई हैं। अमित शाह का 15 दिन तक राज्य में रहकर चुनाव प्रचार करना यह दिखाता है कि भाजपा इस चुनाव को कितनी गंभीरता से ले रही है।
अब देखना यह होगा कि चुनावी मैदान में किसकी रणनीति ज्यादा असरदार साबित होती है और जनता किसे अपना समर्थन देती है।