पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य प्रशासन, सीमा सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। खास बात यह रही कि सरकार ने कई लंबित योजनाओं और प्रक्रियाओं को दोबारा शुरू करने का ऐलान किया है।
कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसले
1. BSF फेंसिंग के लिए जमीन हस्तांतरण
राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन सौंपने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का फैसला लिया है। सरकार का लक्ष्य अगले 45 दिनों के भीतर यह काम पूरा करने का है।
2. आयुष्मान भारत योजना लागू होगी
नई सरकार ने पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू करने की घोषणा की है। पिछली सरकार ने इस योजना को लागू नहीं किया था और उसकी जगह ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना चलाई जा रही थी।
3. विश्वकर्मा और उज्ज्वला योजना को मंजूरी
केंद्र सरकार की विश्वकर्मा योजना और उज्ज्वला योजना को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि कारीगरों और गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिल सके।
4. भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू होगी
सरकारी नौकरियों की रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही अभ्यर्थियों को सरकारी भर्ती में 5 साल तक की आयु सीमा में छूट देने का फैसला भी लिया गया है।
5. जनगणना प्रक्रिया बहाल
राज्य में पहले रोकी गई जनगणना प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
6. पुरानी योजनाएं बंद नहीं होंगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पिछली सरकार की मौजूदा जनहित योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा।
अगले सोमवार फिर होगी बैठक
कैबिनेट ने यह भी तय किया कि अगले सोमवार को दोबारा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभागों के बंटवारे समेत कई अन्य अहम फैसलों पर चर्चा होगी।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहा?
इस बैठक में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हालांकि अभी तक मंत्रियों के विभागों का औपचारिक आवंटन नहीं किया गया है।