उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने लोकसभा में रेलवे से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर आरोप लगाया कि उनके संसदीय क्षेत्र की लगातार अनदेखी की जा रही है और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। संसद में अपनी बात रखते हुए चंद्रशेखर आजाद ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात रखने के लिए क्या “एक टांग पर खड़ा होना पड़ेगा या दोनों टांगों पर”, ताकि रेल मंत्री उनका ध्यान सुन सकें। उनका यह बयान सदन में चर्चा का विषय बन गया और इसने उनकी नाराजगी को साफ तौर पर जाहिर किया।
अमृत भारत स्टेशन योजना पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नगीना रेलवे स्टेशन पर चल रहे नवीनीकरण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी के कारण स्थानीय लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर दो की लंबाई बढ़ाने की मांग भी उठाई, ताकि बड़े ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से हो सके और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
नई ट्रेनों और स्टॉपेज की मांग
नगीना सांसद ने अपने क्षेत्र के यात्रियों की जरूरतों को सामने रखते हुए नगीना और धामपुर से दिल्ली और लखनऊ के लिए नई ट्रेनों के संचालन की मांग की। उन्होंने कहा कि इन रूट्स पर यात्रा करने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन ट्रेनों की कमी के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली और हरिद्वार जाने वाली प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नगीना लोकसभा क्षेत्र के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
मुंबई के लिए सीधी ट्रेन की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने नजीबाबाद से नगीना और धामपुर होते हुए मुंबई के लिए सीधी ट्रेन चलाने की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग रोजगार और अन्य कारणों से मुंबई जाते हैं, लेकिन सीधी ट्रेन न होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ओवरब्रिज और अंडरपास की जरूरत
अपने संबोधन में उन्होंने नगीना, धामपुर और स्योहारा जैसे शहरों में रेलवे फाटकों पर ओवरब्रिज और अंडरपास के निर्माण की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर अक्सर लंबा जाम लगता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी होती है।
रेलवे में खाली पदों पर सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने रेलवे विभाग में कथित भ्रष्टाचार और रिक्त पदों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि देश में जब युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब रेलवे में करीब तीन लाख पद खाली पड़े हैं। उन्होंने रेल मंत्री से सवाल किया कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली क्यों हैं और इन्हें जल्द से जल्द क्यों नहीं भरा जा रहा। उन्होंने विशेष रूप से आरक्षित वर्ग के पदों को शीघ्र भरने की मांग की, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।
सरकार की जिम्मेदारी पर जोर
अपने भाषण के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने यह भी कहा कि मंत्री किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे देश के होते हैं। इसलिए उन्हें उन क्षेत्रों का भी ध्यान रखना चाहिए, जहां से उन्हें वोट नहीं मिला। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखते हुए सभी इलाकों के विकास पर समान रूप से ध्यान दे।
निष्कर्ष:-
लोकसभा में उठाए गए इन मुद्दों के जरिए चंद्रशेखर आजाद ने न केवल अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से रखा, बल्कि रेलवे की व्यापक चुनौतियों को भी उजागर किया। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाती है और नगीना समेत अन्य क्षेत्रों को कितनी राहत मिलती है।