खिलाडियों को भी युवाओं की चिंता

खिलाडियों को भी युवाओं की चिंता

देश में परीक्षा पेपर लीक को लेकर जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन पर समाज के विभिन्न तबके अंपनी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने भी छात्रों को अपना नैतिक समर्थन दिया है । साथ ही उन्हें सचेत किया है।

खिलाडियों ने आमतौर पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया के ज़रिए व्यक्त की है। इनमें क्रिकेटर, शूटर और पहलवान शामिल हैं। ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाओं का सार यहां है।

Sachin Tendulkar

मेरे पिता एक प्रोफ़ेसर थे। वे कई युवा छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक और सलाहकार थे। उन्होंने मुझे शुरू से ही एक बात सिखाई थी: "असफलता ठीक है, लेकिन चीटिंग करना नहीं। कभी भी शॉर्टकट न अपनाएं।"

….समाज में बड़े होने के नाते, हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम संस्कृति को सही दिशा दें। जो समाज मेहनत के बजाय नतीजों को ज़्यादा अहमियत देता है, वह काबिलियत के बजाय शॉर्टकट को चुनता है।

…आज, जब छात्र निराश महसूस करते हैं कि उनकी कड़ी मेहनत का फल उन्हें नहीं मिला, तो उनकी निराशा समझ में आती है।

हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें दोबारा ऐसा महसूस न हो।

उन्होंने कहा, ‘मुझे यकीन है कि हम सब मिलकर ऐसे समाधान निकालेंगे जो हमारे बच्चों के भविष्य को मज़बूत करेंगे और उनकी उम्मीदों को सुरक्षित रखेंगे।’

Virat Kohali

छात्र एक निष्पक्ष व्यवस्था, पारदर्शी परीक्षाओं और योग्यता पर आधारित भविष्य के हकदार हैं।

छात्रों द्वारा उठाई जा रही चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि अधिकारी उनकी शिकायतों के समाधान के लिए तत्काल और सार्थक कदम उठाएंगे।हमारे देश का भविष्य न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही का हकदार है।

Rohit Sharma

एक निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली ही एक मज़बूत राष्ट्र की नींव होती है। छात्रों की चिंताओं को बातचीत के ज़रिए सुना जाना चाहिए, न कि हिंसा के ज़रिए। छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतंत्र में इसके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।…

Sanjay Manjarekar

दो बच्चों का पिता होने के नाते, मैं यह अच्छी तरह जानता हूँ कि आज के युवाओं को दबाने या उनकी सोच बदलने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी। मैं भारत के युवाओं के साथ खड़ा हूँ। उन्हें दबाएँ नहीं, बल्कि उन्हें उड़ान भरने दें। वे भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे।

Suresh Raina

हर चुनौती बेहतर समाधान खोजने का एक मौका होती है। उम्मीद है कि मौजूदा हालात से शांतिपूर्ण और रचनात्मक बातचीत होगी और ऐसे सोच-समझकर फैसले लिए जाएंगे जिनसे छात्रों, संस्थानों और देश के लिए नए मौके और एक मज़बूत भविष्य बन सके।

Irfan Pathan

हर छात्र बेहतर भविष्य के लिए सालों तक कड़ी मेहनत करता है और इस दौरान उनके परिवार भी कई तरह के त्याग करते हैं। किसी भी पेपर लीक की वजह से उनकी यह उम्मीद कभी नहीं टूटनी चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारा देश और संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि हर छात्र को बराबरी का मौका मिले।…

Mohammad Kaif

एक पिता के तौर पर, शिक्षा व्यवस्था की कमियों के खिलाफ़ विरोध कर रहे छात्रों के साथ पुलिस की बदसलूकी देखकर मुझे दुख होता है। दिल्ली की सड़कों पर बच्चों पर लाठियां बरसाने का सिलसिला बंद होना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही इसका कोई समाधान निकलेगा।…

Shikhar Dhawan

हमारे यूथ हमारे देश का फ्यूचर हैं। उनके सपनों को समझना जरूरी है पर साथ ही मुश्किल वक्त में पेशेंस रखना और देश की इंस्टीट्यूशन्स और सरकार पर भरोसा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। मेरा मानना है कि हर चैलेंज का सल्यूशन पेशेंस से निकलता है। भारत हमेशा  आगे बढ़ा है और आगे भी बढ़ता रहेगा।

Abhinav Bindra

मैंने कभी खुद को राजनीतिक व्यक्ति नहीं माना है। लेकिन मेरा मानना ​​है कि कुछ मुद्दे हम सभी से जुड़े होते हैं, चाहे हमारी सोच या स्थिति कुछ भी हो। शिक्षा उनमें से एक है।…मुझे उम्मीद है कि हम सब मिलकर अपने शिक्षा तंत्र को लगातार मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे, ताकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसरों, नवाचार और उम्मीद का स्रोत बना रहे।

Babita Phogat

… हमें पूर्ण विश्वास है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार छात्रों की हर समस्याओं को हल करने के लिए संवेदनशील भी और समर्पित भी है। मोदी जी ने स्कूली छात्रों से लेकर देश के सभी युवाओं के रोजगार, कौशल और उज्जवल भविष्य के लिए अनेकों प्रयास किए है ।लोकहित और राष्ट्रहित के सभी विषय संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास से ही संभव होता है।

Vinesh Phogat

जंतर मंतर पर छात्रों द्वारा अपने अधिकारों की आवाज़ लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही थी। लेकिन 20 जुलाई को वहां से जो तस्वीरें सामने आईं उन्होने मेरे मन को विचलित कर दिया। जब देश के छात्र अपने भविष्य, अधिकार और अपने सपनों के लिए सड़क पर थे तब उन्हें सम्मान नहीं बल्कि भय और हिंसा का सामना करना पड़ा। छात्राओं के साथ बल प्रयोग की आड़ में उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई।उन्होने कहा, हक की इस लड़ाई में पूरा देश आपके साथ है। लेकिन मैं आप सबसे एक निवेदन भी करना चाहती हूं कि किसी भी क़ीमत पर अहिंसा का मार्ग मत छोड़ना।….

खेल जगत से जुड़ी कई अन्य सेलिब्रिटीज ने भी अपनी राय सोशल मीडिया के जरिए रखी है। बैडमिंडन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने तो सिर्फ इतना लिखकर सबकुच बयां कर दिया... हम भारत के लोग।