अगर आप सोचते हैं कि iPhone सिर्फ बाहर से भारत आता है, तो अब तस्वीर बदल चुकी है। भारत अब सिर्फ स्मार्टफोन खरीदने वाला देश नहीं रहा बल्कि दुनिया के लिए iPhone बनाने और भेजने वाला बड़ा हब बन चुका है। FY26 (वित्त वर्ष 2025-26) में भारत से iPhone एक्सपोर्ट ने ₹2 ट्रिलियन (करीब 2 लाख करोड़ रुपये) का रिकॉर्ड बना लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत की बदलती ताकत की कहानी है।
आखिर इतना बड़ा रिकॉर्ड कैसे बना?
सरल भाषा में समझें तो इसके पीछे तीन बड़ी वजहें हैं:
1- PLI स्कीम का असर
सरकार ने कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए प्रोत्साहन दिया। इससे Apple जैसे बड़े ब्रांड्स ने भारत में उत्पादन बढ़ाया। पहले जहां iPhones बाहर बनते थे, अब उनका बड़ा हिस्सा भारत में बनने लगा है।
2- Make in India” का असली असर दिखा
Make in India सिर्फ एक नारा नहीं रहा, बल्कि अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। आज भारत iPhone बना रहा है और उन्हें दुनिया भर में एक्सपोर्ट भी कर रहा है यानी भारत अब global supply chain का हिस्सा बन चुका है।
3- भारत बन रहा है नया मैन्युफैक्चरिंग हब
पहले चीन का दबदबा था, लेकिन अब कंपनियां भारत को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में देख रही हैं। इससे भारत में नए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं भारत में निवेश में बढ़ोतरी हो रही है इतना ही नहीं टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी हो रही है
इसका मतलब आम लोगों के लिए क्या है?
ये सिर्फ बड़ी कंपनियों की खबर नहीं है, इसका असर आप पर भी पड़ेगा:
- ज्यादा नौकरियां बनेंगी
- भारत की इकोनॉमी मजबूत होगी
- टेक्नोलॉजी सेक्टर तेजी से बढ़ेगा
इस उपलब्धि के साथ Apple भारत का सबसे बड़ा branded export बन गया है। यह दिखाता है कि भारत अब high-value electronics export में भी आगे बढ़ रहा है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में भारत दुनिया का बड़ा electronics manufacturing hub बन सकता है और “Viksit Bharat 2047” का सपना और तेज़ी से पूरा हो सकता है। iPhone exports का ₹2 ट्रिलियन तक पहुंचना सिर्फ एक बिज़नेस न्यूज़ नहीं है…यह इस बात का संकेत है कि भारत अब consumer से creator बन रहा है।