भारत के स्टार्टअप और यूनिकॉर्न इकोसिस्टम को लेकर केंद्र सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण संदेश सामने आया है। DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) के अतिरिक्त सचिव अतीश कुमार सिंह ने स्टार्टअप ग्रोथ, निवेश और इनोवेशन को लेकर कई अहम बिंदुओं पर जोर दिया।
यह विचार उन्होंने CII और Moglix के सहयोग से आयोजित Unicorn Summit 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए रखे। इस सम्मेलन में देश के प्रमुख स्टार्टअप फाउंडर्स, यूनिकॉर्न कंपनियों के प्रतिनिधि, वेंचर कैपिटलिस्ट्स और इकोसिस्टम के कई बड़े नाम शामिल हुए।
पेशेंट कैपिटल और लेट-स्टेज फंडिंग पर जोर
अपने संबोधन में अतीश कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स की निरंतर ग्रोथ के लिए पेशेंट कैपिटल (लंबी अवधि का निवेश) बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टार्टअप्स को केवल शुरुआती निवेश ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिके रहने वाले फंडिंग सपोर्ट की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही उन्होंने लेट-स्टेज फंडिंग की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि यूनिकॉर्न और तेजी से बढ़ रहे स्टार्टअप्स को स्केल करने के लिए पर्याप्त संसाधन मिल सकें।
घरेलू निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने की अपील
उन्होंने भारतीय निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें स्टार्टअप इकोसिस्टम में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि फाउंडर्स, बैंक, फंड्स और संस्थानों को हाई रिस्क एपिटाइट विकसित करनी होगी, ताकि नए और इनोवेटिव आइडियाज़ में निवेश को बढ़ावा मिल सके।
इनोवेशन और मेंटरशिप को बढ़ावा देने पर फोकस
अतीश कुमार सिंह ने इंडस्ट्री लीडर्स से इनोवेशन सैंडबॉक्स बनाने का आह्वान किया—ऐसा प्लेटफॉर्म जहां स्टार्टअप बिना जोखिम के नए प्रयोग कर सकें। इसके अलावा उन्होंने मेंटरशिप सपोर्ट बढ़ाने
और Entrepreneur-in-Residence (EIR) जैसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि युवा उद्यमियों को बेहतर मार्गदर्शन, नेटवर्क और सीखने के अवसर मिल सकें।
संस्थागत निवेश को खोलने पर जोर
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पेंशन फंड, इंश्योरेंस कंपनियां और म्यूचुअल फंड्स जैसे संस्थागत निवेशकों को स्टार्टअप्स में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे न केवल स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक पूंजी मिलेगी, बल्कि पूरे इकोसिस्टम में स्थिरता और वैल्यू क्रिएशन भी बढ़ेगा।
Viksit Bharat 2047 विज़न के साथ जुड़ा लक्ष्य
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भारत एक मजबूत और इनोवेशन-ड्रिवन स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। यह पहल Viksit Bharat 2047 के विज़न के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य भारत को 2047 तक एक विकसित और तकनीकी रूप से अग्रणी राष्ट्र बनाना है। Unicorn Summit 2026 में दिए गए ये सुझाव साफ संकेत देते हैं कि सरकार अब स्टार्टअप इकोसिस्टम को अगले स्तर पर ले जाने के लिए दीर्घकालिक निवेश, घरेलू भागीदारी और मजबूत सपोर्ट सिस्टम पर फोकस कर रही है।