ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक में शामिल नहीं होंगे ईरानी स्पीकर गालिबाफ

ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक में शामिल नहीं होंगे ईरानी स्पीकर गालिबाफ
  • ईरानी दूतावास ने अप्रत्याशित परिस्थितियों को बताया वजह
  • ईरान का संसदीय प्रतिनिधिमंडल बैठक में करेगा भागीदारी
  • भारत की मेजबानी और व्यवस्थाओं के लिए ईरान ने जताया आभार

Iran Speaker Qalibaf BRICS Parliamentary Forum: भारत में आयोजित होने वाले 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक में ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बाकर गालिबाफ शामिल नहीं होंगे। नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास ने 24 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में इसकी जानकारी दी। दूतावास के अनुसार, कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण गालिबाफ बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। हालांकि, ईरान का संसदीय प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में भाग लेगा।

ईरानी दूतावास ने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी के जरिए ईरान ब्रिक्स के सदस्य देश के रूप में समूह की बैठकों और शिखर सम्मेलनों में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।

संसदीय प्रतिनिधिमंडल करेगा भागीदारी

दूतावास के बयान में कहा गया है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद और विचार-विमर्श जारी रखेगा। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग का विस्तार करना तथा उसे और मजबूत बनाना है। इसमें विशेष रूप से संसदीय संबंधों और सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।

ब्रिक्स सदस्य देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारियों की यह बैठक संसदीय स्तर पर संवाद और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ईरान ने अपने बयान में समूह के भीतर सक्रिय भागीदारी जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

भारत की मेजबानी के लिए जताया आभार

ईरानी दूतावास ने बैठक की मेजबानी के लिए भारत सरकार का आभार भी व्यक्त किया। बयान में भारत की ओर से उपलब्ध कराए गए आतिथ्य और आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं की सराहना की गई।

दूतावास ने बैठक की सफलता की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे ब्रिक्स के सदस्य देशों के बीच सहयोग और सहभागिता मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही, बैठक के जरिए रचनात्मक नतीजे सामने आने की उम्मीद भी व्यक्त की गई।

सहयोग बढ़ाने पर रहेगा जोर

ईरान की ओर से जारी बयान में गालिबाफ के बैठक में शामिल नहीं होने के कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। दूतावास ने केवल अप्रत्याशित परिस्थितियों का उल्लेख किया है। प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी से यह स्पष्ट किया गया है कि ईरान संसदीय स्तर पर ब्रिक्स देशों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेगा।